IPL के प्रदर्शन पर नहीं हो टीम इंडिया का चयन, बोले संजय मांजरेकर- विदेशी पिचों के लिए अलग रणनीति जरूरी

Amrit Vichar Network
Published By Muskan Dixit
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टी20 में लगातार हार के बाद पूर्व भारतीय बल्लेबाज ने उठाए सवाल, बोले- बल्लेबाजों के लिए आसान बनी IPL पिचें दे रहीं विदेशी दौरों पर चुनौती

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज संजय मांजरेकर ने टीम इंडिया की हालिया टी20 हार पर खिलाड़ियों को सीधे जिम्मेदार ठहराने के बजाय इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की कुछ कमियों पर ध्यान देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय टीम का चयन सिर्फ IPL के प्रदर्शन के आधार पर नहीं होना चाहिए, बल्कि ऐसे खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए जो विदेशी परिस्थितियों में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

भारत का हालिया ब्रिटेन दौरा बेहद निराशाजनक रहा। मौजूदा टी20 विश्व चैंपियन भारत को पहले आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज में भी टीम को 0-4 की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।

मांजरेकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विदेशी जमीन पर मिली हार के लिए सिर्फ खिलाड़ियों को दोष देना आसान है, लेकिन असली समस्या उन परिस्थितियों पर भी विचार करने की जरूरत है, जहां बल्लेबाज तैयार हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि IPL में बल्लेबाजों के लिए अनुकूल माहौल तैयार होने से भारतीय बल्लेबाजों को विदेशी पिचों पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। उनके अनुसार, चयनकर्ताओं को IPL के दबाव से प्रभावित हुए बिना ऐसे बल्लेबाजों का चयन करना चाहिए, जो दुनिया के अलग-अलग मैदानों और परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन कर सकें।

IPL और विदेशी क्रिकेट में अंतर पर मांजरेकर की चिंता

संजय मांजरेकर ने कहा कि भारतीय टीम को आने वाले समय में टी20 क्रिकेट के अधिकतर मुकाबले विदेशों में खेलने हैं, इसलिए घरेलू परिस्थितियों में प्रदर्शन के साथ-साथ विदेशी मैदानों पर खेलने की क्षमता को भी महत्व देना होगा।

उन्होंने कहा कि अब सिर्फ घरेलू क्रिकेट के आंकड़ों या IPL के प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों का मूल्यांकन करना सही तरीका नहीं होगा। टीम प्रबंधन को ऐसे बल्लेबाजों की पहचान करनी होगी जो तेज गेंदबाजों, उछाल वाली पिचों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रन बना सकें।

IPL की बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों पर उठते रहे हैं सवाल

IPL को लंबे समय से बल्लेबाजों के अनुकूल पिचों और छोटे मैदानों के लिए आलोचना का सामना करना पड़ता रहा है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियां पावर हिटिंग को बढ़ावा देती हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में यही शैली कई बार मुश्किल साबित होती है।

इसके अलावा IPL में लागू इंपैक्ट प्लेयर नियम को लेकर भी बहस होती रही है। आलोचकों का कहना है कि इस नियम से खेल का संतुलन बल्लेबाजों की ओर अधिक झुक गया है।

मांजरेकर की सलाह- विदेशी क्रिकेट के लिए तैयार हों बल्लेबाज

मांजरेकर का मानना है कि भारतीय क्रिकेट को अब ऐसी रणनीति बनानी होगी, जिसमें खिलाड़ियों की तकनीकी क्षमता, दबाव में प्रदर्शन और विदेशी परिस्थितियों में खेलने की योग्यता को प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने कहा कि टीम इंडिया को भविष्य के लिए ऐसे बल्लेबाज तैयार करने होंगे जो सिर्फ IPL में नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हर परिस्थिति में सफल हो सकें।

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