Mirzapur News: विंध्यवासिनी धाम में बड़ा फैसला, गर्भगृह में फोटो-वीडियो बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध
विंध्याचल स्थित सिद्धपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर में धार्मिक गरिमा, श्रद्धालुओं की निजता और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए गर्भगृह में फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग और ऑडियो रिकॉर्डिंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
डिजिटल डेस्क। विंध्याचल स्थित सिद्धपीठ मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में अब किसी भी श्रद्धालु या अन्य व्यक्ति द्वारा फोटो खींचने, वीडियो बनाने, लाइव स्ट्रीमिंग या ऑडियो रिकॉर्डिंग करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इस संबंध में नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने निर्देश जारी किए हैं।
जारी आदेश के अनुसार, मंदिर के गर्भगृह और प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी इलेक्ट्रॉनिक या प्रसारण माध्यम से फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग, वेबकास्टिंग, ऑडियो रिकॉर्डिंग, सामग्री का संग्रहण या प्रसारण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
केवल अधिकृत अनुमति से ही होगी रिकॉर्डिंग
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर की धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, अभिलेखीकरण और अधिकृत जनसूचना प्रसारण के उद्देश्य से आरती के समय अथवा सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति मिलने पर ही रिकॉर्डिंग की जा सकेगी।
इस दौरान जिला सूचना अधिकारी या उनके नामित प्रतिनिधि, श्री विंध्य पंडा समाज के प्रतिनिधि तथा मंदिर प्रशासन द्वारा अधिकृत मीडिया या दस्तावेजीकरण टीम को ही फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति होगी।
धार्मिक गरिमा और सुरक्षा को देखते हुए लिया गया निर्णय
प्रशासन के अनुसार, प्रतिदिन और विशेष अवसरों जैसे नवरात्र, अमावस्या, पूर्णिमा तथा अन्य धार्मिक आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। ऐसे में गर्भगृह में अनधिकृत रिकॉर्डिंग से मंदिर की धार्मिक गरिमा, आध्यात्मिक पवित्रता, श्रद्धालुओं की निजता, सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।
इसी को देखते हुए श्री विंध्य पंडा समाज, सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक आकलन के आधार पर यह निर्णय लिया गया है।
क्या माना जाएगा नियमों का उल्लंघन?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निम्न गतिविधियां नियमों का उल्लंघन मानी जाएंगी—
- बिना सक्षम अनुमति के फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करना।
- यूट्यूब, फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स (X) या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव प्रसारण करना।
- गर्भगृह या प्रतिबंधित क्षेत्र की रिकॉर्डिंग को व्यावसायिक प्रचार में इस्तेमाल करना।
- सुरक्षा कर्मियों या प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना करना।
सख्ती से कराया जाएगा पालन
नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार ने कहा कि गर्भगृह में फोटो और वीडियो बनाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। क्षेत्राधिकारी नगर, प्रभारी निरीक्षक विंध्याचल थाना और मंदिर सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारी आदेश का सख्ती से पालन कराएंगे। आवश्यकता पड़ने पर तलाशी, निगरानी और प्रवर्तन की कार्रवाई भी की जाएगी।
