Barabanki News: कोतवाली के सामने सरकारी जमीन पर चल रहा प्लाटिंग का खेल, सवालों के घेरे में आया राजस्व प्रशासन
देवा/बाराबंकी, अमृत विचारः देवा क्षेत्र में सरकारी भूमि की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि कोतवाली देवा के ठीक सामने स्थित ग्राम पंचायत मामापुर (देवा खास) की ग्राम समाज की आरक्षित ‘घूर गड्ढा’ भूमि को भी कथित तौर पर अवैध प्लाटिंग में शामिल कर उसका स्वरूप बदल दिया गया। मामले के प्रकाश में आने के बाद राजस्व प्रशासन सवालों के घेरे में आ गया है। वहीं नायब तहसीलदार ने जांच कराने की बात कही है।
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जानकारी के अनुसार मामला ग्राम पंचायत मामापुर (देवा खास) स्थित गाटा संख्या 722 (रकबा 0.045 हेक्टेयर) तथा गाटा संख्या 723 (रकबा 0.102 हेक्टेयर) से जुड़ा है। राजस्व अभिलेखों में दोनों गाटे घूर गड्ढा के रूप में दर्ज बताए जा रहे हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने आसपास की निजी भूमि खरीदने के बाद बिना आवश्यक विभागीय स्वीकृतियों और वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए प्लाटिंग शुरू कर दी। इसी दौरान ग्राम समाज की आरक्षित भूमि को भी प्लाटिंग में शामिल कर लिया गया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि प्लाटिंग का कार्य काफी समय से चल रहा है और अब जमीन की बिक्री की भी चर्चा है। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि सरकारी अभिलेखों में दर्ज भूमि पर गतिविधियां चलती रहीं, लेकिन संबंधित विभागों और प्रशासन को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई। जानकारों के अनुसार घूर गड्ढा ग्राम समाज की आरक्षित भूमि होती है, जिसका उपयोग सार्वजनिक उद्देश्यों के लिए निर्धारित रहता है। ऐसी भूमि पर कब्जा, निर्माण अथवा प्लाटिंग नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
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यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की श्रेणी में भी माना जा सकता है। मामले में नायब तहसीलदार अभिषेक चक्रवर्ती ने बताया कि यह प्रकरण अभी उनके संज्ञान में नहीं था। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की राजस्व स्तर पर जांच कराई जाएगी। यदि जांच में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो कब्जा हटवाने के साथ ही संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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