Rampur News: जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन जारी, बारिश में भी धरने पर डटे
रामपुर में मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश के खिलाफ छात्रों का आंदोलन दूसरे दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद छात्र मुख्य गेट पर धरने पर बैठे रहे और आदेश वापस लेने की मांग की। जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय के बाहर लगाया गया काउंसलिंग कैंप हटा लिया है।
रामपुर, अमृत विचार। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को ध्वस्त करने के आदेश के विरोध में छात्रों का आंदोलन रविवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। बारिश के बावजूद छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर धरने पर बैठे रहे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
बारिश के बीच भी जारी रहा प्रदर्शन
रविवार दोपहर तक छात्र हाथों में बैनर लेकर विश्वविद्यालय के समर्थन में प्रदर्शन करते रहे। उन्होंने जिला प्रशासन से 38 भवनों के ध्वस्तीकरण का आदेश तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता भी छात्रों के समर्थन में मौजूद रहे।
छात्र बोले- भविष्य से जुड़ा है मामला
धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि यह केवल भवनों का नहीं, बल्कि हजारों छात्र-छात्राओं के भविष्य का सवाल है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ध्वस्तीकरण का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

प्रशासन ने हटाया काउंसलिंग कैंप
छात्रों ने बताया कि उनकी तीन प्रमुख मांगों में से एक पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास लगाया गया काउंसलिंग कैंप हटा लिया गया है। हालांकि छात्र अब भी दो प्रमुख मांगों पर अड़े हैं—
- 38 भवनों को ध्वस्त करने का आदेश वापस लिया जाए।
- विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का किसी भी प्रकार का उत्पीड़न न किया जाए।
शनिवार से शुरू हुआ आंदोलन
गौरतलब है कि छात्रों ने शनिवार दोपहर से विश्वविद्यालय बचाने के लिए धरना शुरू किया था। रात में प्रदर्शन स्थगित कर दिया गया, लेकिन रविवार सुबह से ही छात्र-छात्राएं फिर मुख्य गेट पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन में जुट गए। छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
