UP PCS Transfer 2026: योगी सरकार का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 12 घंटे में 363 PCS अधिकारियों के तबादले
दो चरणों में जारी हुई ट्रांसफर लिस्ट, 182 अधिकारियों के बाद 181 SDM का भी हुआ स्थानांतरण; कई जिलों और तहसीलों का प्रशासनिक ढांचा बदला।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए योगी सरकार ने महज 12 घंटे के भीतर 363 प्रांतीय सिविल सेवा (PCS) अधिकारियों का तबादला कर दिया। यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा प्रशासनिक फेरबदल माना जा रहा है। पहले चरण में 182 अधिकारियों की सूची जारी की गई, जबकि कुछ घंटों बाद 181 उपजिलाधिकारियों (SDM) की दूसरी ट्रांसफर सूची भी जारी कर दी गई।
इस व्यापक तबादला अभियान के बाद प्रदेश के कई जिलों और तहसीलों में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह बदल गई है। बड़ी संख्या में एसडीएम के कार्यक्षेत्र बदले गए हैं, वहीं कई अधिकारियों को विकास प्राधिकरणों, नगर निकायों और विशेष कार्याधिकारी (OSD) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
दूसरी ट्रांसफर सूची में अयोध्या सबसे अधिक चर्चा में रहा, जहां आठ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया। नगर निगम के सहायक आयुक्त अशोक कुमार गुप्ता समेत कई अधिकारियों को सोनभद्र, मथुरा, मैनपुरी, शामली, बलिया, श्रावस्ती और मुरादाबाद में नई तैनाती मिली।
इसके अलावा ललितपुर, गाजीपुर, वाराणसी, सहारनपुर, मथुरा, आगरा, बांदा, जौनपुर, गोरखपुर, प्रतापगढ़, फतेहपुर और अन्य जिलों के कई एसडीएम का भी स्थानांतरण किया गया। कई अधिकारियों के दायित्व बदलते हुए उन्हें विकास प्राधिकरणों और प्रशासनिक इकाइयों में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पहले चरण में जारी 182 अधिकारियों की सूची में 54 महिला PCS अधिकारी भी शामिल थीं। इनमें सुरभि शर्मा, प्रतिभा मिश्रा, गोपाल शर्मा, पुष्पेंद्र पटेल, मिथिलेश तिवारी और लवगीत कौर सहित कई अधिकारियों की नई तैनाती की गई।
सूत्रों के अनुसार यह व्यापक प्रशासनिक फेरबदल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों, कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने तथा प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार के उद्देश्य से किया गया है। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों को स्थानांतरित करने के साथ-साथ उनकी कार्यप्रणाली और प्रदर्शन के आधार पर भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
प्रदेशभर में जारी इस मेगा ट्रांसफर लिस्ट की व्यापक चर्चा है और माना जा रहा है कि आने वाले समय में इसका असर प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।
