Wayanad Landslides : कल्लाडी में भारी बारिश के बाद भूस्खलन, 7 लापता लोगों की तलाश में जुटी NDRF ; प्रियंका गांधी ने जताया दुख

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Published By Anjali Singh
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वायनाड। केरल के वायनाड जिले में कल्लाडी सुरंग परियोजना के पास सोमवार को हुए भीषण भूस्खलन के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार से प्रभावित क्षेत्र के आसपास रहने वाले परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। इलाके में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मलबे में लापता सात लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है।

अधिकारियों के अनुसार, भूस्खलन के कारण कल्लाडी-मेप्पाडी सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई है। किसी भी तरह के संभावित खतरे से बचाव के लिए पास की कॉलोनी के निवासियों को निकालकर मेप्पाडी में बनाए गए अस्थाई राहत शिविरों में ठहराया जा रहा है।


युद्धस्तर पर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन

भूस्खलन स्थल पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन एवं बचाव सेवा, पुलिस, वन विभाग के कर्मियों और स्थानीय नागरिक स्वयंसेवकों की टीमें संयुक्त रूप से बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इस हादसे में घायल छह लोगों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मलबे के नीचे और लोगों के फंसे होने की आशंका के मद्देनजर खोजी अभियान लगातार जारी है।

घटनास्थल पर विधायक आई. सी. बालकृष्णन, वायनाड जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रिका कृष्णन और जिला कलेक्टर डी. आर. मेघाश्री सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद मौजूद रहकर बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन ने केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (KSDMA) के कार्यालय पहुंचकर स्थिति की उच्च स्तरीय समीक्षा की है। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने भी बचाव अभियान को और गति देने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।

 

सक्रिय निर्माण क्षेत्र से बाहर हुआ भूस्खलन: इंजीनियर

परियोजना स्थल पर तैनात इंजीनियरों ने स्पष्ट किया कि आगामी मानसून को देखते हुए 12 जून से ही सुरंग खोदने का कोई काम नहीं किया जा रहा था। वहां केवल सुरंग को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कार्य ही चल रहे थे। हादसे के वक्त करीब 15 श्रमिक निर्धारित मलबा निस्तारण स्थल पर पत्थरों युक्त जालीदार सुरक्षा दीवार (गेबियन दीवार) के निर्माण में लगे हुए थे।

एक ऑन-साइट इंजीनियर ने बताया, "भूस्खलन सुरंग या सक्रिय निर्माण क्षेत्र से शुरू नहीं हुआ था। निर्धारित निर्माण सीमा से बाहर, सबसे बाईं ओर स्थित ढलान पर महज कुछ ही सेकंड में यह हादसा हुआ और मलबा तेजी से मीनाक्षी पुल की ओर बढ़ गया।" मीनाक्षी पुल के दूसरी ओर तैनात तकनीकी टीम सुरक्षित निकल आई, लेकिन अचानक आए मलबे के तेज बहाव में कई अन्य लोग और वहां संचालित हो रहा एक कार्यालय इसकी चपेट में आ गए।


पीड़ितों के साथ हर कदम पर खड़ी है कांग्रेस: प्रियंका गांधी

इस बीच, कांग्रेस महासचिव और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केरल में हुए इस भूस्खलन पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर राहत अभियान चलाया जा रहा है और राज्य के मुख्यमंत्री खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।

श्रीमती वाड्रा ने हादसे में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, "इस कठिन समय में कांग्रेस पूरी मजबूती से पीड़ितों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।" उन्होंने लापता लोगों के सकुशल मिलने की कामना की और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों व आम नागरिकों से अपील की कि वे प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बिना किसी व्यवधान के पीड़ितों तक सहायता पहुंचाने में सहयोग करें।

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