अखिलेश यादव का राम मंदिर दान विवाद पर बड़ा हमला, बोले- मंदिर कर्मियों की CDR जांच हो, '99.9% भाजपा से जुड़े मिलेंगे'

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Published By Deepak Mishra
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समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मांग की कि मंदिर परिसर में कार्यरत सभी लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कराई जाए। उनका दावा है कि जांच होने पर "99.9 प्रतिशत लोग भाजपा से जुड़े हुए निकलेंगे।"

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित विवाद को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मांग की कि मंदिर परिसर में कार्यरत सभी लोगों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच कराई जाए। उनका दावा है कि जांच होने पर "99.9 प्रतिशत लोग भाजपा से जुड़े हुए निकलेंगे।"

लखनऊ में गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा कि यदि मंदिर से जुड़े सभी कर्मचारियों की सीडीआर की जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे होंगे और भाजपा के भीतर भगदड़ मच जाएगी। उन्होंने दावा किया कि भाजपा छोड़ने का सिलसिला शुरू हो चुका है और कई लोग उनकी पार्टी के संपर्क में हैं।

"भाजपा के लिए धर्म नहीं, वोट और पैसा अहम"

पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनावी फायदे के लिए अपने विचार भी बदल लेती है। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए धर्म से अधिक महत्व वोट और पैसे का है। उनका कहना था कि राम मंदिर में जिन लोगों ने जिम्मेदारियां तय की थीं, वे अब सामने नहीं आ रहे हैं, जबकि जिम्मेदारी निभाने वाले लोगों से सवाल पूछे जा रहे हैं।

"मंदिर परिसर में काम करने वाले सभी लोगों की CDR जांच होनी चाहिए। जैसे ही जांच होगी, 99.9 प्रतिशत लोग भाजपा के ही निकलेंगे। तब भाजपा के अंदर कैसी भगदड़ मचेगी, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।"-अखिलेश यादव
"दान चोरी से पूरी दुनिया का सनातन समाज चिंतित"

अखिलेश यादव ने कहा कि राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़ा विवाद केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के सनातन धर्म के अनुयायियों की आस्था से जुड़ा विषय बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भक्तों द्वारा चढ़ाए गए दान के प्रबंधन में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में भगवान को अर्पित चढ़ावे की चोरी सबसे बड़ा पाप मानी जाती है और इस मुद्दे ने श्रद्धालुओं को आहत किया है।

एसआईटी जांच पर भी उठाए सवाल

सपा प्रमुख ने सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईटी केवल मामले की लीपापोती के लिए बनाई गई है। उन्होंने दावा किया कि जांच दल के एक सदस्य पर पहले से धोखाधड़ी का मामला चल रहा है, ऐसे में निष्पक्ष जांच पर सवाल उठना स्वाभाविक है। अखिलेश ने कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में गंभीर होती तो मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) या आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाती।

भाजपा सांसद के आरोपों पर पलटवार

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्षी नेताओं पर तो तत्काल मुकदमे दर्ज हो जाते हैं, लेकिन सत्ता पक्ष के नेताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक परंपरा बताया और कहा कि भाजपा को यह नहीं भूलना चाहिए कि सत्ता स्थायी नहीं होती।

अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात, गौ संरक्षण पर भी चर्चा

इससे पहले अखिलेश यादव ने ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने दावा किया कि धर्मगुरु ने प्रदेश में गायों की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर चिंता जताई तथा सरकार को इस दिशा में गंभीर कदम उठाने की जरूरत बताई।

गौरतलब है कि अयोध्या में राम मंदिर में दान और चढ़ावे से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। इस टीम में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. और वित्त विभाग के विशेष सचिव नील रतन को शामिल किया गया है।

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