Hardoi News : पोस्टमार्टम रुकवाने के लिए लगाई गई थी लाखों की बोली, जच्चा-बच्चा मौत के मामले में एक और खुलासा

Amrit Vichar Network
Published By Anjali Singh
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हरदोई। जच्चा-बच्चा की मौत की सच्चाई के बारे में पहले ही पता था। इसी लिए शवों का पोस्टमार्टम रुकवाने के लिए साम-दाम का तुरुप फेंका गया।मौत के सौदागरों की शिकार बनी सीमा के घर वालों से कहा गया था कि पोस्टमार्टम न हो,उसके बदले लाखों रुपये दिए जाएगे,लेकिन ऐसा हो जाता तो जच्चा-बच्चा की मौत का सौदागर बनें निजी हास्पिटल के डाक्टरों की कारस्तानी हमेशा-हमेशा के लिए दफन हो गई होती।

दरअसल कासिमपुर थाने के रसूलपुर ब्रह्मनान निवासी दिनेश कुमार की पत्नी सीमा को प्रसव पीड़ा होने पर मंगलवार को बेहंदर के एक निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया था। वहां आपरेशन से उसका प्रसव कराया गया,प्रसव के बाद बच्चे की हालत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई,उसके कुछ देर बाद उसकी मां सीमा की उल्टी सांसे चलने लगी,किसी को भनक तक नहीं लगी और सीमा की भी मौत हो गई। 

इस तरह जच्चा-बच्चा की मौत की खबर से हंगामा होने लगा,शव सड़क पर रख कर रास्ता जाम कर दिया गया,उसके बाद वहां पहुंची पुलिस ने निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्यवाही का भरोसा दिलाते हुए बुधवार को दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया,पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने साबित कर दिया कि डाक्टरो की लापरवाही से जच्चा-बच्चा की मौत हुई थी। इसका खुलासा होने के बाद उसी मामले से जुड़ी एक और सच्चाई सामने आई है। 

सीमा और उसके बच्चे का पोस्टमार्टम न कराने के लिए साम-दाम का तुरुप फेंका गया,उसके घर वालों से कहा गया कि अगर शवों का पोस्टमार्टम कराए तो उसके बदले उन्हें लाखों रुपयें दिए जाएगे,लेकिन कोई भी मौत के सौदागरों के इस फेर में नहीं आया और उसी का नतीजा है कि निजी हास्पिटल के डाक्टरो की सारी कारस्तानी सामने है,वरना अभी तक जो होता रहा वहीं इस मामले में भी हुआ होता।

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