यूपी में बढ़ा गंगा-घाघरा का जलस्तर, कई जिलों में कटान से हड़कंप; अगले 24 घंटे भारी वर्षा के आसार
-सरयू, गंगा, शारदा और यमुना का जलस्तर बढ़ा, गोरखपुर में 110 मिमी बारिश, 31 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट -बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर से फिर सक्रिय हुआ मानसून, 24 जुलाई तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
लखनऊ, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश से प्रदेश की प्रमुख नदियां भी उफान पर हैं। सरयू, गंगा, शारदा और यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है। गोरखपुर में छह घंटे में 110 मिमी बारिश हुई है, जबकि 31 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 24 जुलाई तक प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
रविवार को राजधानी लखनऊ समेत अधिकांश जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई, जबकि भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने सभी 75 जिलों में वर्षा की संभावना जताई है। इनमें 31 जिलों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के असर से पूरे प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
बलिया में सरयू नदी खतरे के निशान के करीब पहुंच गई है, जिससे करीब 100 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। नदी किनारे तेज कटान से मकान नदी में समा रहे हैं। लखीमपुर खीरी में शारदा नदी की कटान से एक और मकान ढह गया। वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से रत्नेश्वर महादेव मंदिर जलमग्न हो गया, जबकि दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियां भी पानी में डूब गई हैं। कानपुर में गंगा चेतावनी स्तर तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने नौकायन पर रोक लगा दी है। प्रयागराज में संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं को नदी से दूर रहने की सलाह दी जा रही है, वहीं मथुरा-वृंदावन में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिला। गोरखपुर में शनिवार को मात्र छह घंटे में 110 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं, कई कॉलोनियों और जिला अस्पताल तक में पानी भर गया। बरसाती पानी से भरे गड्ढे में डूबने से एक किशोर की मौत हो गई। कई अन्य जिलों में भी जलभराव और ग्रामीण इलाकों में फसलों पर असर की खबरें सामने आई हैं।
मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने लो-प्रेशर सिस्टम के कारण मानसून दोबारा सक्रिय हुआ है। इसका प्रभाव पूरे उत्तर प्रदेश में दिखाई देगा। विशेषकर पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा हो सकती है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने और लोगों को अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाने की सलाह दी गई है।
इन 31 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
गोरखपुर, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, चंदौली, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर, अयोध्या, बाराबंकी, अमेठी, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा, सीतापुर, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद और बिजनौर में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।
IMD ने जारी किया भारी बारिश का अनुमान
उत्तर प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून पूरी तरह सक्रिय है और पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के पूर्वी तथा पश्चिमी दोनों हिस्सों में व्यापक वर्षा दर्ज की गई। कई स्थानों पर अत्यधिक से अति भारी वर्षा हुई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि तथा जनजीवन पर व्यापक प्रभाव देखने को मिला।
इन जिलों में बढ़ा नदियों का जलस्तर
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान भी प्रदेश के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के वर्षा आंकड़ों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी में 160 मिमी, बहराइच के महसी में 127 मिमी, श्रावस्ती के भिंगा में 122 मिमी, उन्नाव के हसनगंज में 119 मिमी, चंदौली में 111 मिमी तथा बलिया वेधशाला में 105.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा कैसरगंज, सकलडीहा, तुलसीपुर, बाराबंकी, गोरखपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर, कानपुर, लखनऊ, आजमगढ़, संतकबीरनगर और प्रयागराज सहित अनेक जनपदों में भी अच्छी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी तरह मेहरबान रहा। बरेली के बहेड़ी में 174 मिमी, रामपुर के बिलासपुर में 152.4 मिमी, शाहजहांपुर के पवायां में 150.3 मिमी तथा शाहजहांपुर वेधशाला में 125.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त पीलीभीत, औरैया, झांसी, जालौन, बदायूं, फिरोजाबाद, मुरादाबाद, मैनपुरी, आगरा, संभल, अमरोहा और ललितपुर सहित कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा हुई। लगातार हो रही बारिश के कारण प्रदेश के अनेक शहरों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
निचले इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने से खरीफ फसलों को जहां नमी का लाभ मिला है, वहीं अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलनिकासी भी चुनौती बन गई है। गंगा, घाघरा, शारदा, राप्ती, सरयू तथा अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और तटीय क्षेत्रों पर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
तेज हवा के साथ बारिश
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने तथा मानसूनी ट्रफ उत्तर प्रदेश के ऊपर सक्रिय रहने के कारण अगले 24 घंटों में भी प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में अधिकांश स्थानों तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की भी आशंका व्यक्त की गई है।
मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने तथा बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। प्रशासन को भी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखने तथा राहत एवं बचाव संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं
