'चलो संसद' मार्च में बवाल : पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प, 100 से ज्यादा घायल; 100 से अधिक हिरासत में
CJP के 'चलो संसद' मार्च के दौरान बैरिकेड तोड़ने की कोशिश पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज, कई जगह छोड़े आंसू गैस के गोले
नई दिल्ली में कॉजपा के 'चलो संसद' मार्च के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में 100 से अधिक लोग घायल हुए। 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई।
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 'चलो संसद' मार्च के दौरान सोमवार को नई दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस दौरान 100 से अधिक पुलिसकर्मी और प्रदर्शनकारी घायल हुए, जबकि 100 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी में 5,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद बढ़ा टकराव
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग और अन्य संवेदनशील इलाकों में बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। आरोप है कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर पथराव भी किया, जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और कई स्थानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े। संसद मार्ग, पटेल चौक, कांस्टीट्यूशन क्लब और शास्त्री भवन समेत कई इलाकों से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, यातायात प्रभावित
बीएनएसएस की धारा 163 लागू होने के बावजूद हजारों लोग मध्य दिल्ली में एकत्र हुए। संसद, सेंट्रल विस्टा और कनॉट प्लेस के आसपास भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई। कई सड़कों पर यातायात डायवर्ट किया गया और कुछ मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश-निकास पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रही।
पुलिस ने वायरल दावों का किया खंडन
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल उन दावों को खारिज किया, जिनमें सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो के साथ मारपीट और कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके की हिरासत की बात कही गई थी। पुलिस ने दोनों दावों को भ्रामक बताते हुए कहा कि मामले की तथ्यात्मक जांच की जा रही है और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
कॉजपा का प्रदर्शन नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, परीक्षा संबंधी मामलों में कथित रूप से आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को अस्पताल से रिहा करने जैसी मांगों को लेकर आयोजित किया गया था।
