राम मंदिर में चढ़ावा चोरी कांड : टिन्नू यादव उगलेगा राज? बढ़ते रसूख, बेनामी संपत्तियों और बैंक कनेक्शन की होगी पड़ताल
बैंक कर्मियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में मुख्य आरोपी टिन्नू यादव की पुलिस रिमांड के दौरान जांच एजेंसियों को कई अहम खुलासों की उम्मीद है। पूछताछ में बैंक कर्मियों की कथित भूमिका, चोरी के तरीके, एसओपी उल्लंघन, सीसीटीवी फुटेज, बैंक लेन-देन और कथित संपत्तियों की जांच पर फोकस रहेगा। मामले की जांच अभी जारी है।
अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुख्य आरोपियों में एक रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की पुलिस रिमांड मिलने के बाद होने वाली पूछताछ से पुलिस को महत्वपूर्ण राज सामने आने की उम्मीद है। इससे बैंक कर्मियों की भूमिका, चोरी का तरीका और उनके बढ़ते रसूख का पूरा बैकग्राउंड सामने आ सकता है।
टिन्नू यादव का राम मंदिर परिसर में खास रसूख था। चंपत राय के करीबी होने के कारण दानपात्रों की चाबियां उसके पास रहती थीं। गणनास्थल तक चढ़ावा पहुंचाने और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसी के जिम्मे थी। उस पर आरोप है कि उसने अपने भतीजे समेत अन्य परिचितों को काउंटिंग टीम में भर्ती कराया। एसआईटी की प्रारंभिक जांच में भी इसका उल्लेख किया गया है कि उसने एसओपी का उल्लंघन किया, साथ ही 180 दिन की सीसीटीवी फुटेज डिलीट कराने में भी उसका हाथ माना जा रहा है।
सूत्र बताते हैं कि अब तक हुई पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अन्य गणनाकर्मी जो चढ़ावे की रकम चोरी करते थे, उन्हें टिन्नू का वरदहस्त था। वहीं, अब तक हुई जांच में सामने आया है कि रिटायर्ड बैंक कर्मी सुभाष श्रीवास्तव काउंटिंग टीम के इंचार्ज थे। कई अन्य बैंक कर्मी या आउटसोर्स स्टाफ गणना में शामिल थे। आरोप है कि गिनती के दौरान नोटों के बंडलों में हेराफेरी की गई। अतिरिक्त नोट डालकर कम गिनती दिखाई जाती थी। बैंक में बंडलों की संख्या मैच कर दी जाती थी, लेकिन चोरी हो जाती थी।
अनुकल्प मिश्रा वाउचर तैयार करता था। सीसीटीवी में कर्मचारी कैमरे के सामने खड़े होकर नोट छुपाते दिखे। पुलिस भी यह मानकर चल रही है कि चोरी में उसने मुख्य भूमिका निभाई। बताया जा रहा है कि उसने इस काली कमाई से अकूट संपत्तियां बनाई, कई प्लाट खरीदे, बड़ा हॉस्टल बनवाया। साथ ही उसका कई होटलों, रेस्टोरेंट में पार्टनरशिप की भी बात सामने आई है।
कथित संपत्तियों और नेटवर्क की भी होगी पड़ताल
सूत्रों के अनुसार, रिमांड के दौरान टिन्नू यादव से पूछताछ में बैंक लेन-देन, संपत्तियों का स्रोत और बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। साथ ही जांच में उसके बढ़ते रसूख का बैकग्राउंड, जैसे वो कैसे एक साधारण ड्राइवर से मंदिर प्रबंधन में इतना प्रभावशाली बना, अकूट संपत्ति कैसे बनाई आदि भी सामने आएगा।
