India-New Zealand : फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से खुलेंगे निवेश और नौकरियों के नए रास्ते, पीएम मोदी ने बताया गेम चेंजर

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Published By Anjali Singh
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ऑकलैंड। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को एक नई गहराई और गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि इस समझौते से बाजार तक पहुंच, निवेश, सेवाओं, प्रौद्योगिकी और प्रतिभाओं के आदान-प्रदान के नए अवसर खुलेंगे। प्रधानमंत्री ने यह बात चुनिंदा मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के दौरान कही। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के साझा लोकतांत्रिक मूल्य, विविधता और सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता दोनों देशों के बीच एक महत्वाकांक्षी और भविष्य उन्मुख आर्थिक साझेदारी के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं।


रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंचे संबंध

पीएम मोदी ने यह टिप्पणी न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन के साथ विभिन्न मुद्दों पर हुई उच्च स्तरीय वार्ता के कुछ ही समय बाद की। इस वार्ता के बेहद सकारात्मक परिणाम रहे, जिसमें 18 महत्वपूर्ण परिणाम सामने आए। इनमें दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाना भी शामिल है। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी शुक्रवार को अपनी तीन देशों की यात्रा के अंतिम चरण में ऑकलैंड पहुंचे थे। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक और सुरक्षा सहयोग का विस्तार करना है। करीब 40 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह न्यूजीलैंड की पहली यात्रा है, जो हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर के बाद हो रही है।


उद्योगों और युवाओं के लिए खुलेंगे नए रास्ते

व्यापार जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, "भारत और न्यूजीलैंड के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी से उद्योगों, नवाचारकर्ताओं और हमारे युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होंगे।" उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों ने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने का ऐतिहासिक निर्णय किया है, जिसके तहत स्पष्ट लक्ष्यों और ठोस परिणामों के साथ हर क्षेत्र में आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते को एक "ऐतिहासिक" पहल बताया और कहा कि भारत की लगातार तेज आर्थिक वृद्धि, युवा व कुशल कार्यबल, तेजी से बढ़ता मध्यम वर्ग, डिजिटल क्रांति, नई पीढ़ी के बुनियादी ढांचे का विस्तार और लगातार जारी आर्थिक सुधार न्यूजीलैंड की कंपनियों के लिए व्यापार और निवेश के क्षेत्र में व्यापक अवसर उपलब्ध कराते हैं। राजनीतिक स्थिरता और निरंतर आर्थिक विकास ने आज भारत को वैश्विक आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले देशों में शामिल कर दिया है।


इन क्षेत्रों में निवेश का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी ने न्यूजीलैंड के निवेशकों और उद्योग जगत से बुनियादी ढांचे के विकास, नागरिक उड्डयन, लॉजिस्टिक्स, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी परिवहन, जल प्रबंधन, कचरा प्रबंधन और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में भारत के साथ साझेदारी करने का आह्वान किया। भारत के मजबूत स्टार्टअप परिवेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने दोनों देशों के निजी क्षेत्र से नवाचार, फिनटेक और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि डेयरी विज्ञान, बागवानी और वानिकी के क्षेत्र में न्यूजीलैंड की विशेषज्ञता तथा भारत का विशाल उपभोक्ता बाजार, फूड पार्क और कृषि-प्रौद्योगिकी से जुड़ी प्रतिभाएं मिलकर एक मजबूत वैश्विक खाद्य मूल्य श्रृंखला (Global Food Value Chain) तैयार कर सकती हैं।

2030 तक 35,000 करोड़ के व्यापार का लक्ष्य

पीएम मोदी ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से निवेश और व्यापारिक साझेदारी का विस्तार करने तथा साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को करीब 35,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल करने में सहयोग देने की अपील की। अंत में उन्होंने कहा कि भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक साझेदारी समावेशी और टिकाऊ व्यापार का एक आदर्श मॉडल बन सकती है, जो नवाचार और समृद्धि के लिए एक मजबूत मंच साबित होगी।

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