5 जुलाई का पंचांग : आज भगवान सूर्य की पूजा रहेगी फलदायी, जानें अभिजित मुहूर्त, राहुकाल और शुभ योग

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Published By Deepak Mishra
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ज्योतिषाचार्य पंडित अजय शुक्ल ने बताया कि रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है। इस दिन प्रातःकाल तांबे के पात्र से जल में लाल पुष्प, रोली और अक्षत मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य देने से मान-सम्मान, यश और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है।

अमृत विचार, डिजिटल डेस्क/लखनऊ। सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या नए कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के आधार पर तिथि, वार, नक्षत्र, योग, करण और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति का आकलन किया जाता है। 5 जुलाई 2026, रविवार को आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि दोपहर 1:31 बजे तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी।

रविवार का दिन भगवान सूर्य की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना गया है। इस दिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने और विधि-विधान से पूजा करने से सुख, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है। साथ ही नाग देवता की पूजा भी इस दिन शुभ फलदायी मानी गई है।

ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल

पंचांग के अनुसार, ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:14 बजे से 5:02 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत काल सुबह 7:32 बजे से 9:14 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन दोनों समयों में पूजा-पाठ, मंत्र जाप और शुभ कार्य करना विशेष फलदायी होता है।

सूर्योदय और चंद्रोदय का समय

सूर्योदय: सुबह 5:50 बजे
सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे
चंद्रोदय: रात 10:52 बजे
चंद्रास्त: सुबह 11:07 बजे

नक्षत्र और योग

5 जुलाई को सूर्य आर्द्रा नक्षत्र में रहेंगे, जिसके स्वामी राहु हैं। वहीं चंद्रमा शतभिषा नक्षत्र में गोचर करेंगे। इस दिन आयुष्मान योग सुबह 4:10 बजे तक रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में दोनों योगों को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना गया है।

अभिजित मुहूर्त

रविवार को अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:46 बजे से 12:35 बजे तक रहेगा। यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है। इस अवधि में विवाह, गृह प्रवेश, व्यापार, निवेश या किसी नए कार्य की शुरुआत करना शुभ माना जाता है।

राहुकाल और अन्य अशुभ समय

राहुकाल: शाम 5:32 बजे से 7:12 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 3:41 बजे से 5:25 बजे तक
यमगंड काल: दोपहर 12:31 बजे से 2:11 बजे तक

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन समयों में नए और महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

राशि और दिशाशूल

5 जुलाई को सूर्य मिथुन राशि और चंद्रमा मीन राशि में गोचर करेंगे। इस दिन पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिष के अनुसार, इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। यदि यात्रा करना आवश्यक हो, तो प्रचलित ज्योतिषीय उपाय करने के बाद ही प्रस्थान करना शुभ माना जाता है।

रविवार का दिन भगवान सूर्य को होता समर्पित : ज्योतिषाचार्य अजय शुक्ल

ज्योतिषाचार्य पंडित अजय शुक्ल ने बताया कि रविवार का दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है। इस दिन प्रातःकाल तांबे के पात्र से जल में लाल पुष्प, रोली और अक्षत मिलाकर सूर्यदेव को अर्घ्य देने से मान-सम्मान, यश और स्वास्थ्य में वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि 5 जुलाई को अभिजित मुहूर्त और अमृत काल दोनों ही शुभ कार्यों के लिए अनुकूल हैं। वहीं राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड काल में नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। पश्चिम दिशा में दिशाशूल होने के कारण इस दिशा की यात्रा टालना बेहतर रहेगा। यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो गुड़ खाकर या भगवान सूर्य का स्मरण कर प्रस्थान करना शुभ माना गया है।

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