Kanpur News : पूर्व बार अध्यक्ष समेत 15 पर रंगदारी और संपत्ति कब्जाने की कोशिश का केस, नौ माह तक वसूले एक-एक लाख रुपये

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

ट्रस्ट के प्रबंधक न्यासी ने लगाया नौ माह तक हर महीने एक लाख रुपये वसूली का आरोप, पुलिस आयुक्त के आदेश पर फजलगंज थाने में FIR

कानपुर के फजलगंज में बलदेवजी महाराज ट्रस्ट के प्रबंधक न्यासी ने पूर्व बार अध्यक्ष समेत 15 लोगों पर संपत्ति कब्जाने की कोशिश, मारपीट, तोड़फोड़, रंगदारी और धमकी देने का आरोप लगाया। पुलिस आयुक्त के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई।

कानपुर, अमृत विचार। फजलगंज क्षेत्र में बलदेवजी महाराज ट्रस्ट ऑफ कर्वी मंदिर के प्रबंधक न्यासी की संपत्ति पर कब्जा करने के प्रयास, मारपीट, तोड़फोड़, रंगदारी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष समेत 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के निर्देश पर फजलगंज थाने में एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

राधाकुंज, फजलगंज निवासी शरदपत सिंहानिया ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनके पिता हेमंतपत सिंहानिया का सितंबर 2020 में निधन हो गया था। उनके निधन के बाद परिवार में विरासत और उत्तराधिकार को लेकर विवाद शुरू हो गया। इसी का लाभ उठाकर कुछ लोगों ने संपत्ति पर कब्जा करने की साजिश रची और उनके परिवार के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराने लगे।

पीड़ित का आरोप...

पीड़ित का आरोप है कि जनवरी 2022 में उनके भतीजे प्रणवपत सिंहानिया और सुयश अस्थाना के बीच संपत्ति को लेकर एक करार हुआ था। इसके बाद आरोपित लगातार उनकी संपत्तियों पर कब्जा करने और दबाव बनाने का प्रयास करते रहे। शिकायत के अनुसार, 22 सितंबर 2025 को अनूप अस्थाना, सुयश अस्थाना, प्रणवपत सिंहानिया, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी, बृजेंद्र नाथ मिश्रा समेत आठ-दस अज्ञात लोग उनके घर में बने कार्यालय में घुस आए। आरोप है कि आरोपितों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की, अलमारी का ताला तोड़ने का प्रयास किया, विरोध करने पर मारपीट की तथा दस्तावेज और एक घड़ी चोरी कर ली।

पीड़ित का कहना है कि घटना के दौरान आरोपितों ने संपत्ति अपने नाम करने का दबाव बनाया और जान से मारने की धमकी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें हर महीने एक लाख रुपये रंगदारी देने के लिए मजबूर किया गया। डर के कारण उन्होंने लगातार नौ माह तक एक-एक लाख रुपये दिए, लेकिन बाद में इसकी शिकायत करने का फैसला किया।

पीड़ित के अधिवक्ता पुत्र विदुषपत सिंहानिया ने शनिवार को पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल से मिलकर कार्रवाई की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले थाने में शिकायत करने पर आरोपितों ने उल्टा उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया था। पुलिस आयुक्त के हस्तक्षेप के बाद फजलगंज थाने में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

व्हाट्सएप पर मांगे 50 करोड़ रुपये

पीड़ित के बेटे विदुषपत सिंहानिया ने पुलिस आयुक्त को बताया कि मामले से जुड़े एक अधिवक्ता ने उन्हें व्हाट्सएप पर 50 करोड़ रुपये की मांग भेजी। जब इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई गई तो कथित तौर पर एक संपत्ति की तस्वीर भेजकर उसे अपने नाम करने का इशारा किया गया। पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है।

पुलिस आयुक्त का बयान

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने कहा, "जिन लोगों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज