बाराबंकी : दो सदस्यीय गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
बाराबंकी, अमृत विचार। जनपद में चोरी की घटनाओं में संलिप्त बताए जा रहे दो सदस्यीय गिरोह के खिलाफ हैदरगढ़ पुलिस ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना वीरेन्द्र कुमार कहार है, जो अपने सहयोगी के साथ मिलकर चोरी और चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त जैसे अपराधों में लंबे समय से संलिप्त रहा है।
पुलिस के अनुसार 3 जुलाई 2026 को प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण एवं वांछित अभियुक्तों की तलाश में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान मुखबिरों तथा स्थानीय लोगों से सूचना मिली कि वीरेन्द्र कुमार कहार पुत्र रमाशंकर कहार, निवासी ग्राम कछवा, थाना सुबेहा, एक संगठित आपराधिक गिरोह का संचालन करता है।
पुलिस ने बताया कि गिरोह का दूसरा सदस्य जय विश्वकर्मा पुत्र कृष्णानंद विश्वकर्मा है, जो मदारपुर तिराहा, थाना कोठी का निवासी है तथा वर्तमान में देवीगंज भिटरिया रोड, थाना असंद्रा में रह रहा है। पुलिस के मुताबिक यह गिरोह आर्थिक एवं भौतिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से चोरी की वारदातों को अंजाम देने तथा चोरी के सामान की खरीद-बिक्री जैसे आपराधिक कृत्यों में संलिप्त रहा है। दोनों आरोपियों के विरुद्ध हैदरगढ़, असंद्रा एवं रामसनेहीघाट थानों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं।
पुलिस का कहना है कि गिरोह की आपराधिक गतिविधियों से आमजन में भय और असुरक्षा का वातावरण व्याप्त था। दोनों आरोपियों को अध्याय-17 में वर्णित अपराधों का अभ्यस्त अपराधी मानते हुए उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है।
प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार पाण्डेय द्वारा तैयार गैंग चार्ट को जिलाधिकारी, बाराबंकी ने 30 जून 2026 को अनुमोदित किया था। इसके आधार पर दोनों आरोपियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम, 1986 की धारा 3(1) के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
