भारत-नेपाल की दोहरी नागरिकता रखने वालों पर बड़ा एक्शन; बलरामपुर में 27 लोगों पर मुकदमा दर्ज
बलरामपुर, अमृत विचार। जरवा थाना क्षेत्र में भारत और नेपाल दोनों देशों की नागरिकता तथा दस्तावेज रखने के आरोप में 27 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उपनिरीक्षक शम्भू सिंह की तहरीर पर दर्ज प्राथमिकी में आरोप है कि जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई जांच में संबंधित व्यक्तियों के नाम भारत और नेपाल दोनों देशों की मतदाता सूची में पाए गए तथा कुछ के भारतीय आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज भी बने मिले।
पुलिस के अनुसार, जिन लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है उनमें अब्दुल कादिर सिद्दीकी, सलीम सिद्दीकी, अब्दुल अलीम सिद्दीकी, मोहम्मद अनीस सिद्दीकी, खुतीजा खातून, अब्दुल वहीद सिद्दीकी, अब्दुल करीम सिद्दीकी, समीउल्लाह, अब्दुल रहमान सिद्दीकी, निसार अहमद, फातिमा सिद्दीकी, अब्दुल रहीम, जकरुन्निशा, जाहिरा खातून, सनाउल्लाह, हलीमा खातून, रेशमा, कमाल अहमद, सोनू, जमीला, शाहिद अख्तर, सनाउल्लाह सिद्दीकी, निशरत नूर सबा, यासिर अराफात तथा ओसामा शामिल हैं।
प्राथमिकी में उल्लेख है कि जांच के दौरान अब्दुल रहमान पुत्र कल्लू नाम का व्यक्ति संबंधित पते पर निवासरत नहीं मिला, जबकि अब्दुल अजीज सिद्दीकी की मृत्यु हो चुकी है। इसके बावजूद शेष व्यक्तियों पर नेपाल के नागरिक होते हुए भारत में आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र समेत अन्य दस्तावेज बनवाकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस ने सभी आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) तथा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक महेंद्रनाथ सिंह यादव को सौंपी गई है।
