15 साल के वैभव की आक्रामक बल्लेबाजी पर फिदा हुए हेडन, पर क्या यह तूफान लंबे समय तक टिक पाएगा?
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज मैथ्यू हेडन ने 15 वर्षीय भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की आक्रामक बल्लेबाजी की जमकर तारीफ की है। हालांकि उन्होंने युवा खिलाड़ियों को यह भी सलाह दी कि सूर्यवंशी की बेखौफ शैली की नकल करने से पहले यह समझना जरूरी है कि क्या इस तरह का खेल लंबे समय तक लगातार सफल रह सकता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में संभावित पदार्पण को लेकर चर्चा में बने वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत का ध्यान खींचा है। टी20 क्रिकेट में हर गेंद पर आक्रमण करने की उनकी शैली उन्हें अलग पहचान दिला रही है।
शुभमन गिल और वैभव, दोनों की शैली सफल हो सकती है
इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के दौरान गुजरात टाइटंस के डगआउट से वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी देखने वाले मैथ्यू हेडन से जब यह पूछा गया कि क्या शुभमन गिल की तकनीकी बल्लेबाजी और वैभव की विस्फोटक शैली टी20 क्रिकेट में साथ-साथ सफल हो सकती हैं, तो उन्होंने इसका सकारात्मक जवाब दिया।
हेडन ने 'पीटीआई' से कहा कि शुभमन गिल और वैभव सूर्यवंशी दोनों अलग-अलग व्यक्तित्व वाले खिलाड़ी हैं और दोनों की बल्लेबाजी शैली सफल हो सकती है। हालांकि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या वैभव जैसी आक्रामक शैली को लंबे समय तक निरंतर बनाए रखा जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही असली पैमाना
मैथ्यू हेडन का मानना है कि शुभमन गिल पहले ही यह साबित कर चुके हैं कि मजबूत तकनीक और निरंतर प्रदर्शन के दम पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लंबे समय तक सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि उनके लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही किसी खिलाड़ी की असली परीक्षा और सर्वोच्च मानक है।
मेस्सी का दिया उदाहरण
हेडन ने फुटबॉल स्टार लियोनेल मेस्सी का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे मेस्सी क्लब और देश दोनों के लिए अलग-अलग परिस्थितियों में लगातार सफल रहे हैं, उसी तरह क्रिकेट में भी अलग-अलग बल्लेबाजी शैलियों के लिए पर्याप्त जगह है।
उन्होंने कहा कि एक कोच के रूप में उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि खिलाड़ी अपने भीतर के योद्धा को पहचानें। वैभव सूर्यवंशी और शुभमन गिल दोनों की पृष्ठभूमि, सोच और क्रिकेट खेलने का तरीका अलग है और यही खेल की सबसे बड़ी खूबसूरती है।
ब्रायन लारा की नकल नहीं की
हेडन ने अपने करियर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह महान बल्लेबाज ब्रायन लारा के बड़े प्रशंसक थे, लेकिन उन्होंने कभी उनकी बल्लेबाजी की नकल करने की कोशिश नहीं की। उन्होंने अपनी परिस्थितियों और स्वाभाविक शैली के अनुसार खुद को विकसित किया, जिसने उन्हें विश्व क्रिकेट के सफल बल्लेबाजों में शामिल किया।
हेडन ने कहा कि खेल की दुनिया में हर महान खिलाड़ी अपनी अलग पहचान की वजह से महान बनता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोच की जिम्मेदारी खिलाड़ियों की मौलिक प्रतिभा को पहचानना, उसे निखारना और उनके खेल को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना है।
