राम मंदिर चढ़ावा गबन मामला : आरोपियों के बयानों से फंस सकते हैं चंपत, अनिल और गोपाल; षड्यंत्र के आरोप में कार्रवाई के संकेत

Amrit Vichar Network
Published By Deepak Mishra
On

सूत्रों का दावा- जांच में सामने आए बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आपराधिक षड्यंत्र की धाराएं जोड़ने पर मंथ

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा गबन मामले में एसआईटी और पुलिस जांच के बाद ट्रस्ट के तीन पदाधिकारियों पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजे जाने की चर्चा।

अयोध्या, अमृत विचार : राम मंदिर चढ़ावा गबन के मामले में एसआईटी व पुलिस की अब तक हुई जांच, गिरफ्तार आरोपियों व मंदिर कर्मचारियों के बयान के बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा व विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के खिलाफ जल्द कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्र बताते हैं कि तीनों को आपराधिक षडयंत्र रचने का आरोपी बनाया जा सकता है।

चढ़ावा चोरी के मामले में ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की तहरीर पर आठ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के दौरान ही पुलिस ने सभी के बयान दर्ज उन्हें रिकॉर्ड किया था। सूत्र बताते हैं कि बयानों में ट्रस्ट के तीनों पदाधिकारियों का सीधा नाम नहीं लिया गया है लेकिन यह जरूर कहा गया है कि इसकी उन्हें जानकारी थी। वहीं, यह भी बताया जा रहा है कि यह चोरी काफी समय से चल रही थी, इसकी जानकारी शुरू से डॉ. अनिल मिश्र को थी। जब इसकी जानकारी गोपाल राव को हुई तो उन्होंने भी इसका विरोध नहीं किया।

बयानों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आगे बढ़ी, निर्देशों का इंतजार

चंपत राय को यह जानकारी जून के माह में होने की जानकारी होने की बात सामने आ रही है।ऐसे में चोरी की घटना की जानकारी होने पर उसे छुपाने का आरोप तीनों पर सिद्ध होता है। सूत्र बताते हैं कि एसआईटी व पुलिस के पास आरोपियों व मंदिर परिसर में व्यवस्था से जुड़े अधिकारी व कर्मचारियों के बयानों के अलावा सीसीटीवी फुटेज भी साक्ष्य के रूप में हैं, जो इन्हें प्राथमिक दृष्टि में षडयंत्र का आरोपी बना सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि इसकी रिपोर्ट ऊपर पहुंचा दी गई है, आगे की कार्रवाई के लिए निर्देश का इंतजार कर रही है।

संबंधित समाचार