E20 पेट्रोल पर सरकार की सफाई : वैज्ञानिक प्रक्रिया है एथेनॉल ब्लेंडिंग, ARAI-SIAM कर चुकीं टेस्टिंग

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Published By Deepak Mishra
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पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल (E20) मिलाने को लेकर देश में जारी विरोध के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षण और चरणबद्ध प्रक्रिया पर आधारित कार्यक्रम है।

नई दिल्ली। पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल (E20) मिलाने को लेकर देश में जारी विरोध के बीच केंद्र सरकार ने शनिवार को कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कोई जल्दबाजी में लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह पूरी तरह वैज्ञानिक परीक्षण और चरणबद्ध प्रक्रिया पर आधारित कार्यक्रम है। सरकार का दावा है कि यह वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही व्यवस्था है और इसकी व्यापक टेस्टिंग भी हो चुकी है।

दिल्ली में एथेनॉल ब्लेंडिंग पर आयोजित इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की ओर से शामिल विशेषज्ञ वर्तिका शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2013-14 में देश में पेट्रोल में केवल 1.5 फीसदी एथेनॉल मिलाया जाता था। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से इसकी मात्रा बढ़ाई गई और अब 20 फीसदी एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (E20) का लक्ष्य तय समय से पांच वर्ष पहले, दिसंबर 2025 तक हासिल कर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम (EBP) को सभी हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद लागू किया गया। यह कार्यक्रम पूरी तरह वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित है और इसे ऑटोमोबाइल उद्योग का भी समर्थन प्राप्त है।

ARAI और SIAM कर चुकी हैं टेस्टिंग

वर्तिका शुक्ला ने बताया कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) और सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) जैसी प्रमुख संस्थाएं E20 ईंधन की बड़े स्तर पर टेस्टिंग कर चुकी हैं। उन्होंने कहा कि एथेनॉल ब्लेंडिंग दुनिया भर में अपनाई जा रही 'ग्लोबल बेस्ट प्रैक्टिस' के अनुरूप है और इसका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम कर कार्बन उत्सर्जन में कमी लाना है।

E20 पेट्रोल का क्यों हो रहा विरोध?

देश में खासकर वर्ष 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के मालिक E20 पेट्रोल का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज कम हो रहा है, मेंटेनेंस का खर्च बढ़ रहा है और इंजन के कुछ पुर्जों पर असर पड़ रहा है। हालांकि, सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से माइलेज में मामूली कमी आ सकती है, लेकिन इससे इंजन की कार्यक्षमता और वाहन का प्रदर्शन बेहतर होता है।

भूटान ने E20 पेट्रोल लेने से किया इनकार

इधर, भारत में E20 पेट्रोल को लेकर बहस के बीच पड़ोसी देश भूटान द्वारा भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से E20 पेट्रोल नहीं लेने की खबर भी सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

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