UP Crime News : 3 करोड़ की ठगी का शिकार हुए पूर्व विधायक बृजेश मिश्रा, शराब ठेका रियल एस्टेट और पेट्रोल पंप के नाम पर ऐंठी रकम
भाजपा नेता का आरोप- कंपनी में निदेशक बनाकर चेकों से निकाली रकम
लखनऊ, अमृत विचार : प्रतापगढ़ के गड़वारा से पूर्व विधायक व भाजपा नेता बृजेश मिश्रा (सौरभ) से जालसाजों ने 3 करोड़ रुपये ठग लिये। आरोप है कि उनको रियल एस्टेट, पेट्रोल पंप और शराब ठेका दिलाने के नाम पर यह ठगी की गई। पूर्व विधायक ने आरोपी आलोक मिश्रा, उनके पिता, भाई, पत्नी व सहयोगियों के खिलाफ विभूतिखंड थाने में तहरीर दी। जिस पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पूर्व विधायक व भाजपा नेता बृजेश मिश्रा (सौरभ) के मुताबिक वर्ष 2016-17 में प्रतापगढ़ निवासी आलोक मिश्रा उनसे संपर्क में आया। विधानसभा क्षेत्र का निवासी होने के कारण भरोसा हासिल किया। आलोक मिश्रा ने खुद को प्रभावशाली लोगों और मंत्रियों का करीबी बताते हुए रियल एस्टेट, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी और शराब ठेकों में निवेश पर भारी मुनाफे का लालच दिया। वर्ष 2022 से 2025 के बीच आरोपियों ने अलग-अलग अवसरों पर ऑनलाइन और नकद मिलाकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम ले ली। आरोपियों ने वंदे गणपति इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी बनाकर पूर्व विधायक को निदेशक बनाया, चेकों पर हस्ताक्षर कराए और बाद में उन्हीं चेकों के जरिए रकम निकालकर गबन कर लिया।
फर्जी तरीके से आवंटन दिखा पकड़ाई 30 दुकानों की चाबी
पूर्व विधायक के मुताबिक शराब दुकानों के आवंटन की फर्जी प्रक्रिया बताकर आधार कार्ड, ओटीपी व धनराशि हासिल की गई। भरोसा दिलाने के लिए 25 से 30 दुकानों की चाबियों का गुच्छा सौंप दिया गया। कहा गया कि जल्द कब्जा मिल जाएगा। इसी तरह पेट्रोल पंप (कोको) आवंटन के नाम पर विभिन्न साइटें दिखाईं गईं। फर्जी सीडी देकर दावा किया गया कि उनमें पेट्रोल पंपों के एक्टिवेशन कोड सुरक्षित हैं।
परिचित दो कारोबारियों से ठगे सवा करोड़
आरोपियों ने उनके परिचित कारोबारियों से भी करोड़ों रुपये की ठगी की है। गुड बेकरी के संचालक लक्ष्मण आहूजा से 70 लाख रुपये, प्रयागराज के अमित गुप्ता से पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर 51 लाख रुपये ठगे। आरोपी से जब पीड़ितों ने रुपये मांगे तो टालमटोल करने लगा। इसके बाद मोबाइल बंद कर फरार हो गया। बाद में दबाव बनाने पर व्हाट्सएप पर रुपये वापस करने का आश्वासन देता रहा।
पूर्व विधायक ने आरोपी आलोक मिश्रा, उसके पिता सत्येंद्र नाथ मिश्रा, भाई अर्पण मिश्रा, पत्नी दिव्या मिश्रा, सहयोगी बेचू और अन्य लोगों के खिलाफ तहरीर दी। बताया कि यह गिरोह बनाकर ठगी करते हैं। बताया कि गिरोह पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों से ठगी, नौकरी दिलाने, फर्जी राशन कार्ड बनवाने, नकली शराब के कारोबार और अन्य आर्थिक अपराधों में संलिप्त हैं। आरोपियों के खिलाफ लखनऊ, प्रतापगढ़ और मुरादाबाद समेत विभिन्न जिलों आपराधिक मामले दर्ज हैं। इंस्पेक्टर विभूतिखंड उपेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
