Rampur News : जौहर विश्वविद्यालय के 'आम रास्ते' पर PWD अधिकारी की कार रोकी, निरीक्षण के दौरान बढ़ी गहमागहमी
रामपुर में जौहर विश्वविद्यालय परिसर की 3.5 किलोमीटर फोरलेन सड़क का निरीक्षण करने पहुंचे पीडब्ल्यूडी अधिकारी की कार मुख्य गेट पर रोक दी गई। अधिकारी ने इसे सार्वजनिक मार्ग बताते हुए निरीक्षण पूरा किया। दो दिन पहले ही पीडब्ल्यूडी ने इस सड़क को आम रास्ता घोषित किया था। निरीक्षण में 20 मीटर सड़क अवरुद्ध मिलने की बात भी सामने आई।
रामपुर, अमृत विचार। जौहर विश्वविद्यालय परिसर से गुजरने वाली 3.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क को दो दिन पहले ही लोक निर्माण विभाग (PWD) ने सार्वजनिक मार्ग घोषित किया था। इसके बावजूद शुक्रवार को इसी सड़क के निरीक्षण के लिए पहुंचे विभागीय अधिकारी की कार विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर रोक दी गई। इस दौरान कुछ देर तक गहमागहमी रही, जिसके बाद अधिकारियों ने पूरी सड़क का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के लिए पहुंचे थे पीडब्ल्यूडी के अधिकारी
शुक्रवार दोपहर लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) केवी सिंह सड़क का स्थलीय निरीक्षण करने जौहर विश्वविद्यालय पहुंचे। आरोप है कि मुख्य गेट पर मौजूद गेटकीपर ने उनकी कार को रोक दिया। इस पर अधिकारी ने कहा कि यह सार्वजनिक मार्ग है और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी को निरीक्षण से रोकना सरकारी कार्य में बाधा डालने की श्रेणी में आ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस सड़क पर आम लोगों की आवाजाही भी नहीं रोकी जा सकती।
सड़क का आखिरी छोर तक किया निरीक्षण
गेट पर हुई गहमागहमी के बाद अधिकारी सड़क के अंतिम छोर तक पहुंचे और पूरे मार्ग का निरीक्षण किया। इस दौरान सड़क की स्थिति और मार्ग पर मौजूद अवरोधों का भी जायजा लिया गया।
दो दिन पहले सार्वजनिक मार्ग घोषित हुई थी सड़क
यह सड़क वर्ष 2003-04 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल में जौहर विश्वविद्यालय के प्रस्तावित मानचित्र के अनुसार बनाई गई थी। बाद में प्रदेश में सपा सरकार बनने पर सड़क के चौड़ीकरण के लिए त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत करीब 17 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत हुआ और लगभग 13.50 करोड़ रुपये की लागत से इसे फोरलेन बनाया गया।
वर्ष 2019 में जौहर विश्वविद्यालय में सरकारी धन के उपयोग को लेकर हुई जांच के दौरान इस सड़क का मामला भी सामने आया। इसके बाद मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा। जिला प्रशासन के निर्देश पर दो दिन पहले पीडब्ल्यूडी ने सड़क को सार्वजनिक मार्ग बताते हुए विश्वविद्यालय के गेट के बाहर और भीतर सूचना बोर्ड लगाए थे। हालांकि, गेट से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित होने के कारण उसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।
छात्रों के लिए लगाया गया काउंसलिंग कैंप
इसी दौरान विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के बाहर जिला प्रशासन की ओर से काउंसलिंग कैंप भी संचालित किया गया। प्रशासन के अनुसार, विश्वविद्यालय के भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बाद छात्रों को अन्य कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में प्रवेश संबंधी जानकारी दी जा रही है। विरोध के बावजूद कैंप जारी रहा।
एक्सईएन बोले- 20 मीटर सड़क पहले से बंद मिली
लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केवी सिंह ने बताया कि 3.5 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क सरकारी संपत्ति है और उसी के निरीक्षण के लिए वे मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा, "गेट पर कार रोके जाने पर संबंधित लोगों को समझाया गया कि यह आम रास्ता है और किसी को भी यहां आने-जाने से नहीं रोका जा सकता। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि करीब 20 मीटर सड़क पहले से अवरुद्ध है। आगे गेट और दीवार बनी हुई है। अब गेट और दीवार के संबंध में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसका निर्णय उच्चाधिकारी करेंगे।
