Shani Vakri 2026 : चातुर्मास में शनि चलेंगे वक्री चाल, 137 दिन तक इन 12 राशियों पर पड़ेगा असर; जानें उपाय

Amrit Vichar Network
Edited By Deepak Mishra
On

27 जुलाई 2026 से शनि देव मीन राशि में वक्री होकर 11 दिसंबर 2026 तक रहेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस अवधि में सभी 12 राशियों पर शनि का प्रभाव देखने को मिलेगा। वक्री शनि के दौरान कर्म, अनुशासन और संयम का विशेष महत्व रहेगा।

डिजिटल डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में न्याय के देवता और कर्मफल दाता शनि देव 27 जुलाई 2026 को मीन राशि में वक्री हो रहे हैं शनि देव इस स्थिति में 11 दिसंबर 2026 तक यानी लगभग 137 दिनों तक रहेंगे वक्री होने का अर्थ है कि शनि देव पृथ्वी से देखने पर उल्टी चाल चलते हुए प्रतीत होंगे इसी दौरान चातुर्मास (भगवान विष्णु के शयन का समय) भी होगा, जिसके कारण शनि देव का प्रभाव और अधिक उग्र तथा तीव्र हो जाएगा।

5
ज्योतिर्विद पवन तिवारी

ज्योतिष सेवा संस्थान  के संस्थापक अध्यक्ष ज्योतिर्विद पवन तिवारी के अनुसार वक्री अवस्था में शनि बेहद शक्तिशाली हो जाते हैं और जातकों को उनके कर्मों का फल दोगुनी गति से देते हैं। शनि की इस उल्टी चाल का सभी 12 राशियों पर प्रभाव पड़ने वाला है...

मेष राशि
शनि आपकी राशि से 12वें भाव में वक्री होंगे अनचाहे और अचानक होने वाले खर्च बढ़ सकते हैं कोर्ट-कचहरी के मामलों में सावधानी बरतें विदेशों से जुड़े काम में लाभ हो सकता है, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न बरतें।

वृषभ राशि 
शनि आपकी राशि से 11वें भाव में वक्री होंगे यह समय आपके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद रहेगा रुके हुए धन की प्राप्ति होगी हालांकि, बड़े भाई-बहनों या मित्रों के साथ वैचारिक मतभेद हो सकते हैं निवेश से लाभ के योग हैं।

मिथुन राशि 
शनि आपकी राशि से 10वें भाव में वक्री होंगे कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां और काम का बोझ बढ़ेगा नौकरी में बदलाव की सोच रहे हैं तो थोड़ा रुक जाएं सीनियर्स के साथ तालमेल बिठाकर चलें मेहनत का फल देरी से मिलेगा।

कर्क राशि 
शनि आपकी राशि से 9वें भाव में वक्री होंगे भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय कर्म पर भरोसा करना होगा धार्मिक यात्राओं के योग बनेंगे पिता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों को कड़ी मेहनत करनी होगी।

सिंह राशि 
शनि आपकी राशि से 8वें भाव में वक्री होंगे सिंह राशि वालों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतनी होगी वाहन चलाते समय सतर्क रहें गुप्त शत्रुओं से परेशानी हो सकती है आर्थिक मामलों में कोई भी बड़ा जोखिम या निवेश करने से साफ बचें।

कन्या राशि 
शनि आपकी राशि से 7वें भाव में वक्री होंगे वैवाहिक जीवन में तनाव या गलतफहमियां बढ़ सकती हैं पार्टनरशिप में व्यापार करने वाले लोग पैसों के लेनदेन में पारदर्शिता रखें नए व्यापार की शुरुआत के लिए समय थोड़ा चुनौतीपूर्ण है।

तुला राशि 
शनि आपकी राशि से 6ठे भाव में वक्री होंगे शत्रुओं पर आपकी विजय होगी कोई पुराना कर्ज चुकाने में आप सफल रहेंगे नौकरीपेशा लोगों के लिए समय अच्छा है, लेकिन पुरानी बीमारियों के उभरने की आशंका है, इसलिए सेहत का ध्यान रखें।

वृश्चिक राशि 
शनि आपकी राशि से 5वें भाव में वक्री होंगे संतान पक्ष को लेकर कुछ चिंताएं रह सकती हैं प्रेम संबंधों में थोड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है, वाणी पर संयम रखें विद्यार्थियों का मन पढ़ाई से भटक सकता है शेयर मार्केट या सट्टेबाज़ी से दूर रहें।

धनु राशि 
शनि आपकी राशि से चौथे भाव में वक्री होंगे पारिवारिक सुख-शांति में कमी महसूस हो सकती है माता जी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी भूमि या वाहन खरीदने की योजना में बाधाएं आ सकती हैं कार्यस्थल पर आपकी कार्यकुशलता की परीक्षा होगी।

मकर राशि 
शनि आपकी राशि से तीसरे भाव में वक्री होंगे आपके आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी छोटे भाई-बहनों के साथ संबंधों में उतार-चढ़ाव आ सकता है छोटी दूरी की यात्राएं लाभदायक रहेंगी आपके रुके हुए काम अपनी मेहनत के बल पर पूरे होंगे।

कुंभ राशि 
शनि आपकी राशि से दूसरे भाव में वक्री होंगे आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है वक्री शनि के कारण धन संचय करने में परेशानी आ सकती है कटु वचन बोलने से बचें, अन्यथा बने बनाए रिश्ते बिगड़ सकते हैं।

मीन राशि 
शनि आपकी ही राशि में वक्री हो रहे हैं, जहां साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है मानसिक तनाव और भ्रम की स्थिति बन सकती है कोई भी बड़ा निर्णय जल्दबाजी या भावुकता में न लें शारीरिक थकान और आलस्य से बचें नियमित योग और अनुशासन ही आपको सफलता दिलाएगा।

चातुर्मास और वक्री शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय

1. शनिवार के दिन पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं काले तिल, उड़द की दाल या काले कपड़ों का दान करें।
2. नियमित रूप से शनि देव के बीज मंत्र 'ऊं शं शनैश्चराय नमः' का 108 बार जाप करें।
3. शनि देव के उग्र प्रभाव को शांत करने के लिए प्रतिदिन हनुमान चालीसा या शनिवार को सुंदरकांड का पाठ करना सबसे अचूक उपाय है।

संबंधित समाचार