भारत में UPI का दबदबा ! 55.49 करोड़ यूजर्स ने एक साल में 24,161 करोड़ से अधिक का किया लेनदेन
वित्त मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी, यूपीआई का वैश्विक विस्तार भी तेज
केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि यूपीआई प्लेटफॉर्म से 55.49 करोड़ से अधिक यूजर जुड़ चुके हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में 24,161.69 करोड़ ट्रांजैक्शन के जरिए 314.23 लाख करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ। सरकार ने यूपीआई की वैश्विक पहुंच और सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी।
नई दिल्ली। देश का डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। केंद्र सरकार ने सोमवार को संसद में बताया कि यूपीआई से 55.49 करोड़ से अधिक यूजर जुड़ चुके हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के जरिए 24,161.69 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल राशि 314.23 लाख करोड़ रुपये रही।लोकसभा में लिखित उत्तर में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने यह जानकारी दी।
पांच वर्षों में कई गुना बढ़ा यूपीआई का कारोबार
सरकार के अनुसार, पिछले पांच वित्त वर्षों में यूपीआई लेनदेन की संख्या और कुल मूल्य में लगातार वृद्धि हुई है।
| वित्त वर्ष | लेनदेन (करोड़) | कुल मूल्य (लाख करोड़ रुपये) |
|---|---|---|
| 2021-22 | 4,595.61 | 84.16 |
| 2022-23 | 8,371.44 | 139.15 |
| 2023-24 | 13,112.95 | 199.95 |
| 2024-25 | 18,586.60 | 260.56 |
| 2025-26 | 24,161.69 | 314.23 |
विदेशों में भी बढ़ रही यूपीआई की पहुंच
सरकार ने बताया कि NPCI International Payments Limited (NIPL) विभिन्न देशों के साथ साझेदारी कर यूपीआई और RuPay जैसी भारतीय भुगतान प्रणालियों का वैश्विक विस्तार कर रही है। इससे भारतीय पर्यटकों और प्रवासी भारतीयों को विदेशों में आसानी से डिजिटल भुगतान की सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही साझेदार देशों को भी रियल-टाइम भुगतान प्रणाली विकसित करने में तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है।
यूपीआई को और सुरक्षित बनाने के लिए नए सुरक्षा उपाय
सरकार ने बताया कि आरबीआई, एनपीसीआई और केंद्र सरकार ने यूपीआई लेनदेन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें शामिल हैं...
- 1- जोखिम आधारित ट्रांजैक्शन लिमिट
- 2- मोबाइल नंबर में अनधिकृत बदलाव पर निगरानी
- 3- एसएमएस आधारित प्रमाणीकरण की सुरक्षा
- 4- यूपीआई ऐप्स के लिए कड़े सुरक्षा मानक
एनपीसीआई ने Comprehensive UPI Information Security Framework (CUISF) 2025 और Mobile Application Security Framework भी लागू किया है, ताकि डिजिटल भुगतान प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
अंतरराष्ट्रीय भुगतान को भी मिला बढ़ावा
सरकार के अनुसार, यूपीआई को कई देशों की भुगतान प्रणालियों से जोड़ा जा चुका है। इससे व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) दोनों प्रकार के अंतरराष्ट्रीय भुगतान और धन प्रेषण संभव हो रहे हैं। इससे भारत के डिजिटल भुगतान नेटवर्क की वैश्विक स्वीकार्यता लगातार बढ़ रही है।
