जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश का असर: अमरनाथ, वैष्णो देवी और शिव खोरी यात्राएं स्थगित, 4 और लोगों की जान गई
जम्मू। जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश और खराब मौसम के चलते प्रमुख धार्मिक यात्राओं पर असर पड़ा है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अमरनाथ यात्रा, माता वैष्णो देवी यात्रा और श्री शिव खोरी धाम यात्रा को सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी स्थगित रखा। मौसम विभाग की ओर से जारी खराब मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आधार शिविरों और ठहराव स्थलों पर ही रहें और मौसम सामान्य होने तक यात्रा शुरू न करें।
अमरनाथ यात्रा पर रोक, श्रद्धालुओं की आवाजाही बंद
प्रशासन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि श्री अमरनाथ जी यात्रा अगले आदेश तक स्थगित रहेगी। इसके तहत जम्मू, उधमपुर और रामबन से श्रीनगर की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जम्मू, कठुआ, सांबा, उधमपुर, रामबन और बनिहाल स्थित विभिन्न आधार शिविरों व आवास केंद्रों में सैकड़ों श्रद्धालु रुके हुए हैं। श्रद्धालुओं को कश्मीर की ओर जाने से रोकने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
वैष्णो देवी यात्रा भी रोकी गई
रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित माता वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा भी लगातार दूसरे दिन स्थगित रही। कटरा आधार शिविर पर पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए यात्रा स्थगित रहने की जानकारी श्रद्धालुओं को दी। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मौसम में सुधार होने तक कटरा में ही रुकें। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा स्थिति की समीक्षा के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने का फैसला लिया जाएगा।
शिव खोरी धाम यात्रा भी स्थगित
रियासी जिले में स्थित श्री शिव खोरी गुफा मंदिर की यात्रा भी भारी बारिश और रांसू क्षेत्र में खराब मौसम के चलते रोक दी गई है। श्री शिव खोरी श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अगले आदेश तक यात्रा स्थगित रखने की अपील की है। श्राइन बोर्ड ने कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के भारी बारिश के पूर्वानुमान और क्षेत्र में प्रतिकूल मौसम को देखते हुए यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लिया गया है।
कश्मीर में बादल फटने की घटनाएं, 24 जुलाई तक बारिश का अलर्ट
अधिकारियों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में रविवार तड़के बारिश शुरू हुई थी। इस दौरान कश्मीर के कुछ वन क्षेत्रों में बादल फटने की घटनाएं भी सामने आई हैं। मौसम विभाग ने 19 से 24 जुलाई के बीच जम्मू-कश्मीर में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और प्रशासन द्वारा जारी ताजा जानकारी जरूर प्राप्त करें।
जम्मू में बारिश से जुड़ी घटनाओं में सोमवार को चार और लोगों की मौत हो गई, जिससे पिछले दो दिनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण कम से कम सात लोग अब भी लापता हैं वहीं बाढ़ प्रभावित पुंछ और राजौरी जिलों में बचाव एवं राहत अभियान प्रभावित हुआ।
डोडा जिले में मूसलाधार बारिश के बीच सुबह करीब साढ़े नौ बजे जम्मू-किश्तवाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रग्गी नाला के पास एक पहाड़ी से चट्टान एक यात्री बस पर गिर गई। उन्होंने बताया कि तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और सात घायलों को पास के अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनमें से एक को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान मनीष कुमार के रूप में हुई है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त वाहन से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद किया गया। उन्होंने कहा कि मृतक की अब तक पहचान नहीं हो सकी है।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में दो निजी वाहन भी चट्टानों की चपेट में आ गए। उन वाहनों में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए। उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में जिले के कश्तीगढ़ क्षेत्र में अपने घर के पास पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से शिव देवी नामक महिला की मौत हो गई। इस बीच आकस्मिक बाढ़ में बह गए विकास अहमद का शव सोमवार सुबह राजौरी शहर के सलानी क्षेत्र में नदी से बरामद किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण पुंछ और राजौरी जिलों में बचाव अभियान गंभीर रूप से प्रभावित हुआ। एक दिन पहले आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 12 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लापता हो गए थे। उन्होंने बताया कि पुंछ में 10 लोगों की मौत हुई और छह अन्य लापता हैं, जबकि राजौरी में दो लोगों की जान चली गई तथा जल शक्ति विभाग का एक कर्मचारी अब भी लापता है। अधिकारियों ने बताया कि दोनों सीमावर्ती जिलों में सोमवार तड़के करीब तीन बजे बारिश का नया दौर शुरू हुआ और अंतिम रिपोर्ट मिलने तक बारिश जारी थी।
उन्होंने बताया कि उफनते नालों, फिसलन भरी जमीन और कम दृश्यता के कारण बचाव दलों की आवाजाही बाधित हो रही है। लापता लोगों का पता लगाने के लिए राहत एवं बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिकूल मौसम के बावजूद पुलिस, सेना, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), नागरिक सुरक्षाकर्मी और स्थानीय स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान
इसे देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। मौसम विभाग ने 23 जुलाई तक जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने तथा नदियों, झरनों, नालों और अन्य जलाशयों के निकट नहीं जाने की अपील की है।
जम्मू सहित कई अन्य जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को सभी जिला प्रशासनों को 24 जुलाई तक प्रत्येक छह घंटे में स्थिति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया, ताकि हालात पर निगरानी रखी जा सके और राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित हो। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में मौसम संबंधी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन की तैयारियों की भी समीक्षा की।
