क्या मेजबान होकर भी वर्ल्ड कप से बाहर रह जाएगी नामीबिया? नेपाल पर जीत के बाद फिर जगी 2027 World Cup की उम्मीद

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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सोचिए... जिस देश में वर्ल्ड कप खेला जाएगा, वही टीम टूर्नामेंट में न खेले! ODI World Cup 2027 से पहले सबसे बड़ा सवाल यही है। नेपाल को हराने के बाद नामीबिया की उम्मीदें फिर जिंदा हो गई हैं, लेकिन मंजिल अभी भी आसान नहीं है।

ODI World Cup 2027: वनडे विश्व कप 2027 अगले साल खेला जाना है, लेकिन उससे पहले इस बार क्वालिफिकेशन की जंग बेहद रोमांचक हो चुकी है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा नामीबिया को लेकर है, क्योंकि वह टूर्नामेंट की सह-मेजबान होने के बावजूद अब तक अपनी जगह पक्की नहीं कर सकी है।

हाल ही में नेपाल पर जीत के बाद नामीबिया की उम्मीदों को नई ताकत मिली है। हालांकि टीम अभी भी अंक तालिका में टॉप-4 से बाहर है और फाइनल क्वालिफिकेशन के लिए उसे आगे शानदार प्रदर्शन करना होगा।

नेपाल पर जीत से मजबूत हुई स्थिति

आईसीसी मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग-2 में नामीबिया ने नेपाल को हराकर दो महत्वपूर्ण अंक हासिल किए। इस जीत के बाद टीम 26 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर पहुंच गई है।

अब तक नामीबिया ने 31 मैच खेले हैं, जिनमें 12 जीत और 17 हार दर्ज की हैं। टीम के पास अभी भी शीर्ष-4 में पहुंचने का मौका बना हुआ है।

लीग-2 में कैसी है अंक तालिका?

फिलहाल लीग-2 में स्थिति कुछ इस प्रकार है—

  •  अमेरिका (USA) – पहले स्थान पर
  • नीदरलैंड्स – दूसरे स्थान पर
  • स्कॉटलैंड – तीसरे स्थान पर
  • ओमान – चौथे स्थान पर
  • नामीबिया – पांचवें स्थान पर

लीग-2 के अंत में टॉप-4 टीमें सीधे वर्ल्ड कप क्वालिफायर में पहुंचेंगी, जबकि पांचवें से आठवें स्थान पर रहने वाली टीमों को क्वालिफायर प्लेऑफ खेलना होगा।

मेजबान होने के बावजूद क्यों नहीं मिली सीधी एंट्री?

ODI World Cup 2027 की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे।

  • दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे को मेजबान होने के कारण सीधा स्थान मिला है।
  • लेकिन नामीबिया आईसीसी का फुल मेंबर नहीं है, इसलिए उसे क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।

यही वजह है कि मेजबान होने के बावजूद नामीबिया की जगह अभी सुनिश्चित नहीं है।

क्या इतिहास बदल सकता है?

अब तक वनडे विश्व कप के इतिहास में ऐसा नहीं हुआ कि मेजबान देश ही टूर्नामेंट में खेलने से चूक जाए।

अगर नामीबिया क्वालिफाई नहीं कर पाती, तो यह विश्व कप इतिहास की एक अनोखी और पहली घटना होगी।

हालांकि टीम के पास अभी भी मौका है। यदि वह अपने बाकी मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करती है तो सीधे क्वालिफायर तक पहुंच सकती है। अन्यथा उसे प्लेऑफ के कठिन रास्ते से गुजरना होगा।

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