आकांशा पूरी का बड़ा दावा, CJP प्रदर्शन के लिए आया Actors & Creators को ऑफर हो रहे पैसे

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
On

एक्ट्रेस ने लगाए PR एजेंडे के आरोप; दिल्ली प्रदर्शन को लेकर बढ़ी हलचल, वांगचुक बोले- छात्रों की सुरक्षा के लिए खत्म किया अनशन

दिल्ली में चल रहे CJP प्रदर्शन को लेकर अब सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। बिग बॉस फेम और भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा पुरी ने दावा किया है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उन्हें और कई अन्य एक्टर्स व क्रिएटर्स को पैसे, फ्लाइट टिकट, रहने और खाने की सुविधा तक ऑफर की गई थी।

दिल्ली। दिल्ली में चल रहे CJP प्रदर्शन को लेकर अब सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है। बिग बॉस फेम और भोजपुरी अभिनेत्री आकांक्षा पुरी ने दावा किया है कि प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उन्हें और कई अन्य एक्टर्स व क्रिएटर्स को पैसे, फ्लाइट टिकट, रहने और खाने की सुविधा तक ऑफर की गई थी। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने 26 दिन के अनशन को खत्म करने को लेकर उठ रहे सवालों पर सफाई देते हुए कहा है कि उन्होंने किसी तरह का समझौता नहीं किया, बल्कि प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा को देखते हुए अनशन समाप्त किया।

आकांक्षा पुरी का दावा- प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मिले ऑफर

आकांक्षा पुरी ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि उन्हें और इंडस्ट्री से जुड़े कई लोगों को CJP प्रदर्शन का हिस्सा बनने के लिए संपर्क किया गया। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के बदले पैसे, यात्रा और रहने-खाने की सुविधा देने की बात कही गई थी। एक्ट्रेस ने कहा कि किसी भी आंदोलन को केवल PR का हिस्सा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह छात्रों के मुद्दे का समर्थन करती हैं, लेकिन किसी एजेंडे या पैसे के बदले किसी प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बनना चाहतीं। हालांकि, आकांक्षा पुरी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि ये ऑफर किसकी ओर से आए थे और किसने उनसे संपर्क किया था।

वांगचुक ने समझौते के आरोपों को किया खारिज

दूसरी ओर, सोनम वांगचुक ने केंद्र सरकार के साथ समझौते के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने 26 दिन का आमरण अनशन तभी समाप्त किया, जब सरकार की ओर से उन्हें लिखित आश्वासन मिला। वांगचुक ने बताया कि उनकी सबसे बड़ी चिंता प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ किसी तरह की हिंसक कार्रवाई या कानूनी कार्रवाई को रोकना थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की आशंका को देखते हुए उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि यदि उनका उद्देश्य केवल समझौता करना होता तो वह 26 दिनों तक भूख हड़ताल नहीं करते। वांगचुक ने आरोप लगाया कि अस्पताल ले जाने के बाद उनके साथ कैदी जैसा व्यवहार किया गया और उन्हें कई तरह की पाबंदियों का सामना करना पड़ा।

सरकार से बातचीत के बाद खत्म किया था अनशन

वांगचुक के अनुसार, केंद्रीय मंत्रियों के साथ बातचीत में परीक्षा सुधार, प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज नहीं करने जैसे मुद्दों पर लिखित आश्वासन मिला। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान उनकी प्राथमिकता केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग से ज्यादा छात्रों की सुरक्षा और आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखना थी।

प्रदर्शन और समर्थन को लेकर उठे सवाल

CJP प्रदर्शन में छात्रों के मुद्दों, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही जैसे विषयों को लेकर आंदोलन चल रहा है। जहां कई लोग इसे छात्रों की मांगों से जुड़ा आंदोलन बता रहे हैं, वहीं आकांक्षा पुरी के दावे के बाद प्रदर्शन में सेलिब्रिटी भागीदारी और कथित PR रणनीति को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। फिलहाल, आकांक्षा पुरी के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि कथित ऑफर किस संस्था या व्यक्ति की ओर से दिए गए थे। वहीं, सोनम वांगचुक लगातार यह स्पष्ट कर रहे हैं कि उनका फैसला छात्रों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण आंदोलन को बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया था।

ये भी पढ़ें :
लखनऊ में भोजपुरी अभिनेत्री ने दर्ज कराया साइबर फ्रॉड का केस, बेटी की AI से अश्लील वीडियो वायरल करने का आरोप 

संबंधित समाचार