लोकसभा अध्यक्ष का बड़ा फैसला : उद्धव गुट के बागी सांसदों का विलय मंजूर, TMC के बागी सांसदों को अलग सीटें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी। इससे लोकसभा में शिवसेना के सांसदों की संख्या 13 हो गई है। वहीं, टीएमसी के 20 बागी सांसदों को एनसीपीआई में शामिल होने के बाद सदन में अलग बैठने की अनुमति मिल गई है, हालांकि उन्हें आधिकारिक मान्यता मिलने पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह बागी सांसदों के महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी। इस फैसले के बाद लोकसभा में शिंदे गुट की शिवसेना की ताकत बढ़ गई है। इसके साथ ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 20 बागी सांसदों को सदन में अलग बैठने की अनुमति भी दे दी गई है। ये सांसद नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में शामिल हो चुके हैं।
लोकसभा में बढ़ी शिवसेना की ताकत
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, छह सांसदों के विलय के बाद लोकसभा में शिवसेना के सांसदों की संख्या सात से बढ़कर 13 हो गई है। यह फैसला सदन में पार्टी की संसदीय स्थिति को और मजबूत करेगा।
टीएमसी के 20 बागी सांसद अलग बैठेंगे
सूत्रों के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस छोड़कर एनसीपीआई में शामिल हुए 20 सांसदों को लोकसभा में अपनी मूल पार्टी से अलग बैठने की अनुमति मिल गई है। हालांकि, इन सांसदों की यह मांग अभी लंबित है कि उन्हें एनसीपीआई के सांसदों के रूप में आधिकारिक मान्यता दी जाए। इस संबंध में अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
लोकसभा अध्यक्ष के इस फैसले के बाद संसद के भीतर राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। खासकर शिवसेना के संख्या बल में बढ़ोतरी और टीएमसी के बागी सांसदों की अलग पहचान को लेकर आगे की स्थिति पर सभी की नजर रहेगी।
