प्रियंका गांधी की 'गौमूत्र विशेषज्ञ' टिप्पणी पर विवाद,200 से ज्यादा शिक्षाविदों ने लिखा पत्र

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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IIT मद्रास निदेशक वी. कामकोटि को लेकर बयान पर जताई आपत्ति, कहा- वैज्ञानिक संवाद में उपहास की जगह नहीं

IIT मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि पर प्रियंका गांधी की 'गौमूत्र विशेषज्ञ' टिप्पणी को लेकर विवाद बढ़ गया है। 200 से ज्यादा शिक्षाविदों ने खुला पत्र लिखकर कहा कि वैज्ञानिक और शैक्षणिक मुद्दों पर उपहास की जगह तर्कपूर्ण संवाद होना चाहिए।

दिल्ली। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा की ओर से आईआईटी मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि को लेकर की गई 'गौमूत्र विशेषज्ञ' टिप्पणी पर विवाद बढ़ गया है। देश के 200 से अधिक शिक्षाविदों ने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए प्रियंका गांधी को खुला पत्र लिखा है। पत्र पर कुल 215 शिक्षाविदों के हस्ताक्षर हैं, जिनमें कई कुलपति और पूर्व कुलपति भी शामिल हैं। शिक्षाविदों ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर तर्क और वैज्ञानिक चर्चा होनी चाहिए, न कि किसी व्यक्ति का उपहास किया जाना चाहिए।

कामकोटि को बताया प्रमुख वैज्ञानिक

शिक्षाविदों ने अपने पत्र में कहा कि प्रोफेसर वी. कामकोटि देश के प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों में से एक आईआईटी मद्रास के निदेशक हैं। उनके विचारों और दावों पर वैज्ञानिक तरीके से चर्चा की जा सकती है, लेकिन किसी विद्वान को किसी विशेष टिप्पणी के जरिए खारिज करना उचित नहीं है। पत्र में कहा गया कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण का अर्थ केवल किसी विचार पर संदेह करना नहीं, बल्कि किसी भी दावे को निष्पक्ष तरीके से परखना भी है।

नीट सुधार कार्यबल के सदस्य हैं कामकोटि

वी. कामकोटि नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद के बाद केंद्र सरकार की ओर से गठित छह सदस्यीय परीक्षा सुधार कार्यबल के सदस्य हैं। इस समिति को परीक्षा व्यवस्था में सुधार के सुझाव देने की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले लोकसभा में प्रियंका गांधी ने परीक्षा सुधार समिति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए थे। इसी दौरान उन्होंने समिति में शामिल कुछ सदस्यों का जिक्र करते हुए वी. कामकोटि को लेकर टिप्पणी की थी, जिस पर अब शिक्षाविदों ने आपत्ति जताई है।


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