CAA और किसान आंदोलन से क्यों अलग है NEET पेपर लीक का मामला? मोदी सरकार के 12 साल में पहला मंत्री इस्तीफा, जानिए पूरा राजनीतिक समीकरण
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के लंबे आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया। मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में यह किसी केंद्रीय मंत्री का पहला इस्तीफा माना जा रहा है।
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दिया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
पिछले करीब एक महीने से दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में छात्र और युवा प्रदर्शन कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की थी। आंदोलन के दौरान शिक्षा व्यवस्था, कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। कई मौकों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।
मोदी सरकार में 12 साल बाद पहला मंत्रीस्तरीय इस्तीफा
साल 2014 में नरेंद्र मोदी के पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद कई बड़े राजनीतिक विवाद और व्यापक जन आंदोलन हुए, लेकिन आंदोलन के दबाव में किसी केंद्रीय मंत्री ने पद नहीं छोड़ा था। ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सरकार के 12 साल के कार्यकाल का पहला मंत्रीस्तरीय इस्तीफा माना जा रहा है।
CAA आंदोलन के दौरान भी नहीं हुआ था इस्तीफा
नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में देशभर में लंबे समय तक प्रदर्शन हुए। दिल्ली के शाहीन बाग सहित कई स्थानों पर महीनों तक आंदोलन चला, लेकिन केंद्र सरकार ने कानून वापस नहीं लिया और उस दौरान किसी केंद्रीय मंत्री ने इस्तीफा भी नहीं दिया।
किसान आंदोलन में कानून वापस हुए, लेकिन मंत्री नहीं बदले
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन करीब एक वर्ष तक चला। अंततः केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस लेने का फैसला किया, लेकिन उस पूरे घटनाक्रम में भी किसी केंद्रीय मंत्री ने पद नहीं छोड़ा।
अब परीक्षा सुधार पर सरकार की नजर
सूत्रों के अनुसार, सरकार सोमवार को संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश कर सकती है। प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के खिलाफ कानूनी प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाना है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट ने संभाला कामकाज
सार्वजनिक परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अन्य अनियमितताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए गठित विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शनिवार से अपना कार्य शुरू कर दिया। राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर में विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलिगा ने अदालत का कार्यभार संभाल लिया है। सूत्रों के मुताबिक, NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 13 आरोपियों से जुड़े मुकदमे की सुनवाई भी इसी अदालत में स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।
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