CJP प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली में भारी जाम, पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी; समर्थकों पर हत्या के प्रयास की FIR दर्ज
दिल्ली ट्रैफिक अलर्ट: CJP रैली हिंसा पर हत्या के प्रयास की FIR, नई दिल्ली जाने से बचने की सलाह
राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 'संसद चलो' आंदोलन और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों के चलते शनिवार को भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। एक तरफ जहाँ दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में आवाजाही को लेकर सख्त ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है
दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के 'संसद चलो' आंदोलन और विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ते विरोध-प्रदर्शनों के चलते शनिवार को भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। एक तरफ जहाँ दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली जिले में आवाजाही को लेकर सख्त ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है, वहीं दूसरी तरफ 20 जुलाई को कर्तव्य पथ पर हुई भीषण हिंसा के मामले में पुलिस ने हत्या के प्रयास सहित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 13 गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
दिल्ली पुलिस की अपील, नई दिल्ली जाने से बचें यात्री
दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एक विशेष परामर्श जारी करते हुए आम जनता से नई दिल्ली क्षेत्र में जाने से बचने का आग्रह किया है। पुलिस के अनुसार, विभिन्न पाबंदियों और सुरक्षा व्यवस्था के चलते कई मार्गों पर भारी जाम की स्थिति बनी हुई है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों और मेट्रो का उपयोग करें। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करने और भीड़ प्रबंधन के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
CJP रैली हिंसा मामले में 'हत्या के प्रयास' सहित 13 गंभीर आरोप
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, 20 जुलाई को कर्तव्य पथ और रफी मार्ग के पास CJP की 'संसद चलो' रैली के दौरान हुई हिंसा को लेकर कर्तव्य पथ थाने में एक निरीक्षक की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
प्राथमिकी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 13 धाराएं लगाई गई हैं, जिनमें धारा 109(1) (हत्या का प्रयास) के अलावा दंगा भड़काने, गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने, ड्यूटी में बाधा डालने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप शामिल हैं।
पुलिस का आरोप, बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों पर जान से मारने की नीयत से हमला किया। जब उन्हें रोका गया तो उन्होंने पुलिस पर पत्थर, चप्पलें और अन्य वस्तुएं फेंकी, जिसमें 200 से अधिक पुलिसकर्मी और लगभग 60 प्रदर्शनकारी घायल हुए।
डिजिटल सबूतों की जांच जारी
हिंसा के दौरान पुलिस वाहनों और सार्वजनिक संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुँचाया गया है। दिल्ली पुलिस अब सीसीटीवी (CCTV) फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के जरिए उपद्रवियों की पहचान करने में जुटी है। गौरतलब है कि देश में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली, अनियमितताओं और शिक्षा सुधारों की मांग को लेकर कॉजपा (CJP) के नेतृत्व में यह आंदोलन गत 20 जून से जंतर-मंतर पर जारी है।
