'धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से छंटेगा भ्रम और साजिश का कुहासा', बोले बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट
पीएम मोदी के नेतृत्व में परीक्षा सुधार और कड़े कानून
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने शनिवार को कहा कि इस इस्तीफे से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर साजिशन फैलाए जा रहे झूठ, भ्रम और नकारात्मकता के बादल अब पूरी तरह छंट जाएंगे।
देहरादून। उत्तराखंड भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के पद से इस्तीफे को राष्ट्र और छात्र हित में लिया गया एक 'नैतिक और सर्वोत्कृष्ट निर्णय' बताया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने शनिवार को कहा कि इस इस्तीफे से परीक्षा प्रक्रिया को लेकर साजिशन फैलाए जा रहे झूठ, भ्रम और नकारात्मकता के बादल अब पूरी तरह छंट जाएंगे।
'देश प्रथम' की भावना से दिया गया इस्तीफा
देहरादून स्थित पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का संपूर्ण सामाजिक और राजनीतिक जीवन निष्कलंक रहा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का बयान, "नीट (NEET) परीक्षा को लेकर जिस तरह अफवाहें फैलाकर माहौल खराब करने और छात्रों को भड़काने की कोशिश की जा रही थी, उस पर विराम लगाने के लिए उन्होंने 'देश प्रथम' की भावना से इस्तीफा दिया है। यह फैसला छात्रों को राष्ट्रविरोधी और विपक्षी ताकतों के बहकावे में आने से रोकेगा।"
विपक्षी और राष्ट्रविरोधी ताकतों की साजिश का आरोप
भट्ट ने आंदोलन के पीछे विपक्षी और राष्ट्रविरोधी ताकतों का हाथ होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि जिस नीट परीक्षा को लेकर यह पूरा विवाद खड़ा किया गया, उसके तो पुनः परीक्षा (Re-test) के परिणाम भी जारी किए जा चुके हैं। इसके बावजूद छात्रों को गुमराह किया जा रहा था। उन्होंने कहा कि सरकार देश के हर एक छात्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझती है और पेपर लीक व नकल की समस्या के स्थायी समाधान पर काम कर रही है।
'पीएम मोदी के रहते छात्रों को चिंता करने की जरूरत नहीं'
महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार हमेशा जनभावनाओं का सम्मान करती है और कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हटती। उन्होंने आंदोलनरत और अन्य सभी छात्रों से अपील करते हुए कहा, कड़ा कानून और NTA में बदलाव: सरकार ने नकल रोकने के लिए कानून को और सख्त बनाया है, मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में करने का फैसला लिया है और परीक्षा एजेंसी एनटीए (NTA) में समूल सुधार के कदम उठाए हैं। छात्र सुरक्षा और मुआवजा: पीड़ित परिवारों को मुआवजा और सभी छात्रों को सुरक्षा का भरोसा दिया गया है। उन्होंने छात्रों से किसी के बहकावे में न आने और पूरी निष्ठा के साथ अपनी परीक्षाओं की तैयारी में जुटने का आग्रह किया।
