LIVESawan Somwar 2026: आज सावन का पहला सोमवार, मंदिरों में गूंज रहे जयकारे, 4 हजार रुपए में करें जल्द दर्शन

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Edited By Muskan Dixit
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Sawan First Somwar 2026: कैसे शुरू करें व्रत, शिवलिंग पर क्या चढ़ाएं और किन चीजों से करें परहेज? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, रुद्राभिषेक के लाभ और राशि अनुसार शिव अभिषेक के उपाय

Sawan Somwar 2026: सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस वर्ष उत्तर भारतीय पंचांग के अनुसार सावन 30 जुलाई से शुरू हुआ है और पहला सावन सोमवार 3 अगस्त 2026 को मनाया जा रहा है। सावन में कुल चार सोमवार पड़ेंगे, जो क्रमशः 3, 10, 17 और 24 अगस्त को होंगे।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और विधिपूर्वक व्रत-पूजन करने से शिव कृपा प्राप्त होती है। कुंवारी कन्याएं मनचाहे वर की कामना से सोमवार व्रत रखती हैं, जबकि अन्य श्रद्धालु सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान शिव की उपासना करते हैं।

 

 

Aug 03, 2026 · 11:07 AM · Muskan Dixit
4 हजार रुपए में करें जल्द दर्शन

वाराणसी : काशी विश्वनाथ मंदिर की लाइन में लगी महिला से VIP दर्शन कराने के नाम पर एक दलाल ने 4 हजार रुपए ऑनलाइन वसूल लिए। पुलिस ने कर्नाटक की महिला को 4 हजार रुपए वापस दिलाए और मुफ्त दर्शन करवाए।

Aug 03, 2026 · 10:20 AM · Muskan Dixit
झारखंडी मंदिर मुरादाबाद में जल अभिषेक करते श्रद्धालु

Aug 03, 2026 · 10:19 AM · Muskan Dixit
84 घंटा मंदिर में जलाभिषेक के लिए लाइन में लगे शिव भक्त

 

Aug 03, 2026 · 10:05 AM · Muskan Dixit
कैसे शुरू करें सोलह सोमवार का व्रत?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सोलह सोमवार व्रत शुरू करने से पहले विधिवत संकल्प लेना चाहिए। इसके लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव के सामने बैठकर हाथ में जल, अक्षत और बेलपत्र लेकर संकल्प लें कि आप श्रद्धा और भक्ति के साथ लगातार 16 सोमवार तक व्रत एवं पूजा करेंगे।

शास्त्रीय मान्यताओं में संकल्प और नियमितता को व्रत की सफलता का महत्वपूर्ण आधार माना गया है।

हर सोमवार भगवान शिव और शिव परिवार की विधिपूर्वक पूजा करें। शिव परिवार के सामने घी के पांच दीपक जलाकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें। भगवान शिव को बेलपत्र, भांग, धतूरा, पुष्प, जल, पंचामृत, रोली और अक्षत अर्पित करें। मौसमी फलों के साथ घेवर का भोग भी लगाया जा सकता है।

Aug 03, 2026 · 10:05 AM · Muskan Dixit
शिवलिंग पर क्यों चढ़ाया जाता है बेलपत्र?

भगवान शिव की पूजा में जलाभिषेक और बेलपत्र का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेलपत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है।

बेलपत्र की तीन पत्तियों को भगवान शिव के तीन नेत्रों का प्रतीक माना जाता है। वहीं तीन जुड़ी पत्तियां त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और महेश—का प्रतीक मानी जाती हैं। इन्हें सत, रज और तम तीन गुणों से भी जोड़ा जाता है।

बेलपत्र की तासीर ठंडी मानी जाती है और मान्यता है कि इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से भगवान शिव को शीतलता प्राप्त होती है। स्कंद पुराण की मान्यताओं के अनुसार बेल वृक्ष में माता पार्वती का वास भी माना गया है। यही वजह है कि शिव पूजा में बेलपत्र को विशेष स्थान प्राप्त है।

Aug 03, 2026 · 10:05 AM · Muskan Dixit
सावन में किन चीजों से करें परहेज?

 

सावन के दौरान धार्मिक मान्यताओं के अनुसार खान-पान और आचरण में संयम रखने की सलाह दी जाती है।

  • मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन और अत्यधिक तले-भुने भोजन से परहेज करें।
  • सावन में बाल, नाखून और दाढ़ी काटने से बचने की परंपरा है।
  • दूध का सेवन करने के बजाय कच्चे दूध से शिवलिंग का अभिषेक करने की मान्यता है।
  • वाद-विवाद से बचें और किसी के प्रति कटु या अपशब्दों का प्रयोग न करें।

 

Aug 03, 2026 · 10:05 AM · Muskan Dixit
सावन में रुद्राभिषेक का क्या महत्व है?

भगवान शिव को अलग-अलग वस्तुओं से रुद्राभिषेक करने की धार्मिक मान्यताएं हैं। इनके अनुसार—

गाय का दूध: भगवान भोलेनाथ का गाय के दूध से रुद्राभिषेक करने से आरोग्य, अच्छी सेहत और दीर्घायु की प्राप्ति की मान्यता है।

दही: दही से रुद्राभिषेक करने से गृह क्लेश दूर होने तथा वाहन और संपत्ति सुख मिलने की मान्यता है।

पंचामृत: पंचामृत से अभिषेक करने पर मनोकामनाओं की पूर्ति और आर्थिक सुख-समृद्धि मिलने की मान्यता है।

गन्ने का रस: गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करने को दरिद्रता दूर करने और अटके धन की प्राप्ति से जोड़ा जाता है।

 

Aug 03, 2026 · 10:04 AM · Muskan Dixit
Sawan Somwar 2026: व्रत के जरूरी नियम

सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को कुछ धार्मिक नियमों का पालन करने की परंपरा है।

  • सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और भगवान शिव की पूजा-अभिषेक करें।
  • व्रत में सात्विक भोजन का सेवन करें।
  • क्रोध और नकारात्मक विचारों से दूर रहने का प्रयास करें।
  • पूजा के बाद जरूरतमंद लोगों को दान करना शुभ माना जाता है।
  • शिव पूजन में बेलपत्र जरूर अर्पित करें।
  • पूरे दिन संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • व्रत के दिन अधिक देर तक सोने और दिन में सोने से बचें।
Aug 03, 2026 · 10:04 AM · Muskan Dixit
शिवलिंग पर क्या चढ़ाना शुभ माना जाता है?

सावन सोमवार पर शिवलिंग के अभिषेक और पूजन में कई वस्तुओं को शुभ माना जाता है।

  • बेलपत्र
  • शमी के फूल या पत्ते
  • दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल
  • साबुत अक्षत
  • केसर
  • भांग और धतूरा
  • मौसमी फल और अनाज

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इन वस्तुओं को श्रद्धापूर्वक अर्पित करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है।

Aug 03, 2026 · 10:04 AM · Muskan Dixit
शिवलिंग पर क्या अर्पित नहीं करना चाहिए?

शिव पूजा में कुछ वस्तुओं को अर्पित न करने की परंपरा भी बताई गई है। हल्दी और कुमकुम को शिवलिंग पर नहीं चढ़ाया जाता। तुलसी के पत्ते भी शिवलिंग पर अर्पित नहीं किए जाते, जबकि केतकी के फूल को भगवान शिव को प्रिय नहीं माना गया है।

बेलपत्र चढ़ाते समय भी ध्यान रखें कि पत्तियां साफ और साबुत हों। कटे-फटे बेलपत्र अर्पित करना उचित नहीं माना जाता।

 

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