Glasgow से Ahmedabad तक पहुंचा Commonwealth Games का कारवां, भारत को मिला 2030 की मेजबानी का झंडा

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
On

2026 गेम्स के समापन के साथ भारत के नाम हुई मेजबानी की जिम्मेदारी, अहमदाबाद में होगा कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी संस्करण

नई दिल्ली। ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का शानदार समापन भारत के लिए एक ऐतिहासिक शुरुआत लेकर आया। 11 दिनों तक चले खेलों के बाद स्कॉटलैंड ने आधिकारिक रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स का झंडा और बैटन भारत को सौंप दिया। अब कॉमनवेल्थ गेम्स का अगला बड़ा पड़ाव भारत है, जहां अहमदाबाद 2030 में शताब्दी संस्करण की मेजबानी करेगा। भारत ने 2010 में नई दिल्ली के बाद दूसरी बार इन खेलों की मेजबानी का अधिकार हासिल किया है।

2030 में अहमदाबाद में होने वाले गेम्स कॉमनवेल्थ स्पोर्ट मूवमेंट की 100वीं वर्षगांठ से जुड़ा ऐतिहासिक आयोजन होगा। भारत की मेजबानी को नवंबर 2025 में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट जनरल असेंबली ने औपचारिक रूप से मंजूरी दी थी।

रंगारंग समारोह में भारत की संस्कृति की दिखी झलक

ग्लास्गो की क्लोजिंग सेरेमनी में भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पहचान को खास अंदाज में प्रस्तुत किया गया। भारतीय कलाकारों की प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद दर्शकों का ध्यान खींचा। भारतीय और स्कॉटिश कलाकारों की संयुक्त प्रस्तुति के जरिए दोनों देशों की सांस्कृतिक साझेदारी भी देखने को मिली।

समारोह के दौरान 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए अहमदाबाद और भारत को केंद्र में रखते हुए सांस्कृतिक प्रस्तुति दी गई। यह केवल मेजबानी सौंपने की औपचारिकता नहीं थी, बल्कि दुनिया के सामने भारत के अगले कॉमनवेल्थ गेम्स के विजन की झलक भी थी।

जैस्मिन लंबोरिया बनीं भारत की ध्वजवाहक

ग्लास्गो कॉमनवेल्थ गेम्स की क्लोजिंग सेरेमनी में भारतीय मुक्केबाज जैस्मिन लंबोरिया भारत की ध्वजवाहक रहीं। मेजबानी हस्तांतरण की औपचारिक प्रक्रिया के तहत कॉमनवेल्थ गेम्स के झंडे को सांकेतिक रूप से नीचे उतारा गया।

इसके बाद झंडे को स्कॉटलैंड के अधिकारियों और कॉमनवेल्थ स्पोर्ट से जुड़े प्रतिनिधियों के जरिए भारतीय प्रतिनिधियों तक पहुंचाया गया। इस प्रक्रिया में दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी शामिल रहे।

इसके साथ ही ग्लास्गो से अहमदाबाद तक कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी का आधिकारिक सफर शुरू हो गया।

2030 में भारत रचेगा एक और इतिहास

अहमदाबाद में 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी। इससे पहले नई दिल्ली ने 2010 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की थी। 2030 में भारत दूसरी बार इन खेलों का आयोजन करेगा।

2030 का आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि इसे कॉमनवेल्थ गेम्स का Centenary Games यानी शताब्दी संस्करण कहा जा रहा है। कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अनुसार अहमदाबाद को 2030 के शताब्दी खेलों का मेजबान औपचारिक रूप से मंजूर किया जा चुका है।

ग्लास्गो में भारत का शानदार प्रदर्शन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय दल ने भी शानदार प्रदर्शन किया। भारत ने कुल 39 पदक अपने नाम किए, जिनमें 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य शामिल रहे। इस प्रदर्शन के साथ भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा।

ग्लास्गो में भारत के प्रदर्शन ने 2030 की मेजबानी की तैयारियों के लिए भी सकारात्मक माहौल बनाया है। अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें अहमदाबाद पर हैं, जहां चार साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स का शताब्दी संस्करण आयोजित होगा।

Glasgow से Ahmedabad... अब भारत की बारी

ग्लास्गो में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का अध्याय समाप्त हो चुका है, लेकिन भारत के लिए इसी के साथ अगला अध्याय शुरू हो गया है। झंडे और बैटन के औपचारिक हस्तांतरण के बाद अब 2030 में अहमदाबाद में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों पर दुनिया की नजर रहेगी।

यह भी पढ़ेंः ड्यूटी के दौरान गंवाया पैर, लेकिन हौसला नहीं… सोमन राणा ने CWG 2026 में भारत को दिलाया ऐतिहासिक गोल्ड

संबंधित समाचार