उम्र कम मगर हौसले बड़े : पीलीभीत से कांवड़ लेने कछला गंगाघाट पहुंचे नन्हे शिवभक्त, 'हर-हर महादेव' के जयघोष से गूंजे रास्ते
पीलीभीत के गजरौला से 34 कांवड़ियों का जत्था कछला गंगाघाट पहुंचा
पीलीभीत से सावन में कांवड़ लेने कछला गंगाघाट पहुंचे नन्हे शिवभक्तों के जत्थे ने सबका ध्यान खींचा। 34 लोगों के जत्थे में 12 बच्चे शामिल हैं। रास्ते में हादसे में एक बच्चे के घायल होने के बाद भी उनकी आस्था कम नहीं हुई।
बरेली, अमृत विचार। भगवान शिव की भक्ति में उम्र कभी आड़े नहीं आती, और इसका जीता-जागता उदाहरण पीलीभीत से आए कांवड़ियों के एक जत्थे में देखने को मिला। पीलीभीत जिले के गजरौला क्षेत्र स्थित लखा तास गांव से 34 कांवड़ियों का एक जत्था पवित्र गंगाजल लेने के लिए कछला गंगाघाट पहुंचा। इस जत्थे में सबसे खास बात यह रही कि इसमें शामिल 12 कांवड़ियों की उम्र 14 वर्ष से भी कम है। अपनी छोटी उम्र के बावजूद इन नन्हे कांवड़ियों के हौसले बुलंद हैं और शिव के प्रति उनकी गहरी आस्था देखते ही बन रही है।
14 साल से कम उम्र, लेकिन शिवभक्ति चरम पर
यह जत्था रविवार रात बरेली पहुंचा। सभी नन्हे कांवड़िये पवित्र गंगा जल लेकर अपने गांव के शिवालय में जलाभिषेक करने के लिए निकले हैं। जत्थे में पिंटू, राहुल, ज्ञानप्रकाश, हर्षित और रोहित समेत कई अन्य बच्चे शामिल हैं। बच्चों ने बताया कि वे 'हर-हर महादेव' के जयघोष के साथ पूरी श्रद्धा और अनुशासन से अपनी यात्रा पूरी कर रहे हैं। उनके साथ बड़े कांवड़िये भी मौजूद हैं, जो पूरे रास्ते बच्चों के खान-पान, सुरक्षा और आराम का पूरा ध्यान रख रहे हैं।
हादसे में 12 वर्षीय कांवड़िया घायल, लेकिन नहीं डिगी आस्था
इस कठिन यात्रा के दौरान एक हादसा भी हो गया। बाइक से गिरने के कारण 12 वर्षीय नन्हा कांवड़िया हिमांशु घायल हो गया और उसके पैरों में चोट आ गई। हादसे के तुरंत बाद साथी कांवड़ियों ने उसकी देखभाल की और प्राथमिक उपचार दिया। प्राथमिक उपचार के बाद हिमांशु की हालत सामान्य बताई गई।
चोट लगने के बावजूद हिमांशु के हौसले में कोई कमी नहीं आई और जत्था अपनी आगे की यात्रा के लिए निकल पड़ा। नन्हे शिवभक्तों के इस जज्बे को देखकर रास्ते में मिलने वाले लोग भी उनकी सराहना कर रहे हैं और 'बम-बम भोले' के नारों से उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं।
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