राम मंदिर चढ़ावा चोरी : SIT में दो बड़े IPS अधिकारी शामिल, सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर संभालेंगे मोर्चा
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से पहले एसआईटी का पुनर्गठन, अयोध्या रेंज के डीआईजी और एसएसपी को जांच टीम में किया गया शामिल
अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) का पुनर्गठन कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद एसआईटी में अयोध्या रेंज के डीआईजी सोमेन वर्मा और अयोध्या के एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर को शामिल किया है। हालांकि जांच अवधि बढ़ाने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। माना जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से पहले शासन ने जांच टीम को और मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया है। अब सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से नई एसआईटी संरचना की जानकारी अदालत को दी जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगी थी जांच रिपोर्ट
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की चोरी और वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से अब तक की जांच रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद 20 जुलाई को शासन की ओर से एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की गई थी। सुनवाई के दौरान सरकार ने जांच के लिए अतिरिक्त समय की मांग की थी। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल करने का सुझाव दिया था और अगली सुनवाई के लिए 27 जुलाई की तारीख तय की थी। इसके बाद प्रदेश सरकार ने एसआईटी में दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को शामिल किया है।
30 दिन में सिर्फ 8 दिन अयोध्या में हुई जांच
चढ़ावा चोरी मामले में 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया था। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन की तहरीर पर आठ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जांच के लिए एसआईटी को पहले 1 जुलाई से 15 जुलाई तक का अतिरिक्त समय दिया गया था। हालांकि अब तक मिले करीब 30 दिनों के समय में टीम ने अयोध्या में केवल आठ दिन रहकर जांच की है। जांच की धीमी गति को लेकर सवाल उठ रहे थे। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने दूसरे चरण की जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को देखते हुए अब टीम बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही है।
जांच में शामिल होंगे नए पहलू
एसआईटी में डीआईजी और एसएसपी जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने से जांच को मजबूती मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों तक पहुंच आसान हो सकेगी। जांच टीम अब चढ़ावे के संग्रहण, सुरक्षा व्यवस्था, वित्तीय रिकॉर्ड और कर्मचारियों की भूमिका की विस्तृत पड़ताल करेगी। मामले में आगे नए आरोपियों के नाम भी सामने आने की संभावना जताई जा रही है। श्रद्धालुओं के चढ़ावे से जुड़े इस संवेदनशील मामले में निष्पक्ष और तेज जांच की मांग लगातार उठ रही थी। नई एसआईटी के गठन के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद है।
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