Lucknow University News: शिक्षक सीखेंगे AI का हुनर, नए सत्र में शुरू होगी खास ट्रेनिंग
डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन विजन के तहत शिक्षकों को AI से जोड़ेगा लखनऊ विश्वविद्यालय, कंप्यूटर साइंस विभाग में बनेगा ‘उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र’
लखनऊ। उच्च शिक्षा में तकनीकी बदलाव को गति देने के लिए लखनऊ विश्वविद्यालय ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है। विश्वविद्यालय अपने साथ-साथ संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की तकनीकों में दक्ष बनाने के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करेगा।
इस पहल के तहत विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज्ञान विभाग के अंतर्गत ‘उच्च शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता केंद्र’ स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षकों को बदलती डिजिटल तकनीक के अनुरूप तैयार करना और उच्च शिक्षा में AI के प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
फैकल्टी डेवलपमेंट से लेकर बूट कैंप तक होंगे आयोजित
शैक्षणिक सत्र 2026-27 के दौरान शिक्षकों के लिए फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम, बूट कैंप, प्रैक्टिकल वर्कशॉप और सर्टिफिकेशन कोर्स आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से शिक्षकों को AI के व्यावहारिक इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी।
प्रशिक्षण का फोकस केवल तकनीकी जानकारी तक सीमित नहीं रहेगा। शिक्षकों को शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक प्रशासन में AI को प्रभावी तरीके से इस्तेमाल करने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाएगा।
अलग-अलग विषयों के शिक्षक होंगे शामिल
AI प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के विभिन्न विषयों के शिक्षकों को शामिल करने की योजना है। इसमें विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन, कला, मानविकी, सामाजिक विज्ञान, विधि, शिक्षा, इंजीनियरिंग, फार्मेसी, पत्रकारिता, ललित कला समेत अन्य व्यावसायिक विषयों के शिक्षक भी शामिल होंगे।
इस पहल के जरिए अलग-अलग शैक्षणिक क्षेत्रों में AI आधारित तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की तैयारी है।
ChatGPT से लेकर Generative AI तक की ट्रेनिंग
प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को AI की कई आधुनिक तकनीकों और टूल्स से परिचित कराया जाएगा। इनमें मशीन लर्निंग, जेनरेटिव AI, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, डिजिटल कंटेंट क्रिएशन, AI असिस्टेड रिसर्च और लर्निंग एनालिटिक्स शामिल हैं।
इसके अलावा शिक्षकों को ChatGPT, Google Gemini, Microsoft, Claude, NotebookLM, Gamma AI, Napkin AI, Research Rabbit, Elicit, Consensus और Connected Papers जैसे AI टूल्स के इस्तेमाल का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
शिक्षण और रिसर्च की गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर
लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि इस पहल से शिक्षण, अनुसंधान और शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षक डिजिटल युग की नई तकनीकों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगे।
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