जौहर विश्वविद्यालय पर कार्रवाई के खिलाफ सपा का मोर्चा, 36 भवनों के ध्वस्तीकरण पर रोक की मांग
प्रतापगढ़ में प्रदर्शन, संगठन ने कहा- छात्रों और कर्मचारियों के भविष्य को देखते हुए निष्पक्ष समाधान जरूरी
प्रतापगढ़। समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 36 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की है। सोमवार को संगठन के जिलाध्यक्ष साबिर अली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी (न्यायिक) को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय के भवनों पर कार्रवाई का असर हजारों छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के भविष्य पर पड़ेगा। संगठन ने मांग की कि किसी भी तरह की प्रशासनिक कार्रवाई संविधान, कानून और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत की जाए।
कानूनी प्रक्रिया के जरिए समाधान की मांग
समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के निर्माण, नक्शे या भूमि से जुड़ा कोई विवाद है तो उसका समाधान कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से किया जाना चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार राजनीतिक विद्वेष के चलते विश्वविद्यालय के भवनों को ध्वस्त कराने की कार्रवाई कर रही है। ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि विश्वविद्यालय के निर्माण के समय क्षेत्र ग्राम सींगनखेड़ा ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता था और उस समय संबंधित कानूनों के तहत अलग अनुमति की आवश्यकता नहीं थी।
राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील
संगठन ने राज्यपाल से मामले में हस्तक्षेप कर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाने और सभी पक्षों को सुनकर निष्पक्ष निर्णय लेने की मांग की है। वहीं, संगठन का कहना है कि छात्रों के हितों और शैक्षणिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए इस मामले का समाधान जल्द किया जाना चाहिए।
