Stock market closed : निवेशकों की संपत्ति में 5.10 लाख करोड़ का इजाफा, सेंसेक्स 776 अंक चढ़ा
मुंबई। पिछले सप्ताह लगातार पांच कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सोमवार को घरेलू शेयर बाजार में जोरदार वापसी हुई। वैश्विक स्तर पर तनाव कम होने और अमेरिकी-ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीद से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी करीब एक प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत चढ़कर 76,835.78 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,995.95 अंक पर पहुंच गया।
निवेशकों की संपत्ति में 5.10 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी
शेयर बाजार में तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा इजाफा हुआ। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 5,10,561.8 करोड़ रुपये बढ़कर 4,80,80,037.04 करोड़ रुपये पहुंच गया। बाजार में आई तेजी का असर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी देखने को मिला। बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक 1.71 प्रतिशत और मिडकैप सूचकांक 1.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
सभी सेक्टरों में रही खरीदारी
सोमवार को बाजार में चौतरफा खरीदारी देखने को मिली। आईटी, मीडिया और रियल्टी सेक्टर के सूचकांक दो प्रतिशत से ज्यादा चढ़े। इसके अलावा ऑटो, एफएमसीजी, फार्मा, हेल्थकेयर और केमिकल सेक्टर में भी मजबूती रही। एनएसई पर कारोबार करने वाली 3,446 कंपनियों में से 2,259 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,071 शेयरों में गिरावट रही।
इंडिगो, इंफोसिस और बजाज फाइनेंस के शेयर चमके
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 28 शेयरों में तेजी दर्ज की गई। इटरनल का शेयर 5.63 प्रतिशत, इंडिगो 4.94 प्रतिशत, इंफोसिस 3.66 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस 3.50 प्रतिशत चढ़े। इसके अलावा एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टीसीएस के शेयरों में भी बढ़त रही। हालांकि, एचडीएफसी बैंक का शेयर नुकसान में बंद हुआ।
वैश्विक बाजारों में भी तेजी का असर
अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोकने और शांति वार्ता की संभावना से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना। एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट 1.15 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसेंग 0.98 प्रतिशत और जापान का निक्केई 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार धारणा को मजबूती मिली है। यदि वैश्विक हालात स्थिर रहते हैं तो बाजार में आगे भी सकारात्मक रुख जारी रह सकता है।
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