Stock market closed : कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से धराशायी हुआ शेयर बाजार, 715 अंक टूटा सेंसेक्स;निफ्टी 24,000 के नीचे बंद
ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर के पार पहुंचने से निवेशकों में बढ़ी चिंता
मुंबई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ उछाल का असर बुधवार को घरेलू शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बिकवाली के दबाव के चलते बीएसई सेंसेक्स 715.06 अंक टूटकर 76,755.05 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 191.45 अंक गिरकर 23,996.25 पर आ गया। दोनों प्रमुख सूचकांक 9 जुलाई के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर बंद हुए।
ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर के पार, बाजार पर बढ़ा दबाव
विश्लेषकों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 4.5 प्रतिशत उछलकर 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। कच्चे तेल में तेजी से निवेशकों की धारणा कमजोर हुई और बाजार खुलने के साथ ही व्यापक बिकवाली देखने को मिली।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी गिरावट
बाजार में बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर भी दबाव रहा। निफ्टी मिडकैप-50 सूचकांक 1.14 प्रतिशत और स्मॉलकैप-100 सूचकांक 1.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।
बैंकिंग, आईटी और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा प्रभावित
ऑटो और एफएमसीजी को छोड़कर लगभग सभी सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। रियल्टी और मीडिया सेक्टर में ढाई प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही, जबकि बैंकिंग, आईटी, वित्तीय सेवाएं, फार्मा और हेल्थकेयर सेक्टर के सूचकांक 1 से 2 प्रतिशत तक टूट गए।
इंडिगो, इंफोसिस और एसबीआई के शेयरों में बड़ी गिरावट
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 24 के शेयर नुकसान में बंद हुए। इंडिगो का शेयर सबसे अधिक 3.57 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, अडानी पोर्ट्स, टेक महिंद्रा, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक और सन फार्मा के शेयरों में भी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एनटीपीसी, पावरग्रिड और टाइटन के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 0.18 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.95 प्रतिशत गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त में रहा। यूरोपीय बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान ब्रिटेन का एफटीएसई और जर्मनी का डैक्स बढ़त के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।
