Shweta Shukla Murder Case : गोंडा में सोते समय बेटी का गला रेतने वाले पिता-सौतेली मां को उम्रकैद, 425 दिन बाद आया फैसला
खौफनाक हत्याकांड में अदालत का फैसला, पिता-सौतेली मां ने सोते समय बेटी को बनाया था निशाना
गोंडा के चर्चित श्वेता शुक्ला हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने पिता राजेश शुक्ला और सौतेली मां किरन शुक्ला को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
गोंडा, अमृत विचार: करीब 425 दिन पुराने 21 वर्षीय श्वेता शुक्ला हत्याकांड में मंगलवार देर शाम जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। न्यायालय ने बेटी की निर्मम हत्या के दोषी पिता राजेश शुक्ला और सौतेली मां किरन शुक्ला को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने दोनों दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायालय के फैसले के बाद बहुचर्चित हत्याकांड में पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत शुक्ला के अनुसार, मोतीगंज क्षेत्र के खिरई खिरवा निवासी बृज बिहारी मिश्रा ने धानेपुर थाने में घटना के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी नीतू की शादी धानेपुर क्षेत्र के तुलसीरामपुरवा निवासी राजेश शुक्ला से हुई थी। आरोप था कि राजेश ने नीतू की हत्या करने के बाद दूसरी शादी कर ली थी। बाद में जब इस घटना की जानकारी सामने आई तो नीतू की बेटी श्वेता के भविष्य को देखते हुए परिवार ने उस समय मुकदमा दर्ज नहीं कराया।
सोते समय गला रेतकर कर दी थी हत्या
मामले में 11 जून 2024 को श्वेता की हत्या किए जाने की सूचना मिली। आरोप था कि राजेश शुक्ला, उसकी पत्नी किरन शुक्ला और बेटी खुशी की भूमिका घटना में थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस को मिले साक्ष्यों के आधार पर राजेश शुक्ला और किरन शुक्ला के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, श्वेता की हत्या के पीछे पारिवारिक विवाद और संपत्ति को लेकर चल रहा तनाव भी अहम कारण था। आरोप था कि राजेश शुक्ला संपत्ति बंटवारे के विवाद में अपने भाई और भतीजे को फंसाना चाहता था। इसी बीच वह श्वेता की शादी अपनी पसंद के व्यक्ति से कराना चाहता था, लेकिन श्वेता इसके लिए तैयार नहीं थी।
शादी से इनकार पर रची हत्या की साजिश
अभियोजन के अनुसार श्वेता के शादी से इनकार करने और परिवार में चल रहे संपत्ति विवाद के बीच राजेश ने अपनी दूसरी पत्नी किरन के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची। आरोप है कि 12 जून 2024 की तड़के करीब दो बजे, जब श्वेता घर में सो रही थी, तभी दोनों ने मिलकर धारदार हथियार से उसका गला रेत दिया। घटना में श्वेता की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच करते हुए साक्ष्य जुटाए। विवेचना पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से आरोपों के समर्थन में विभिन्न साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए गए।
साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस ने चार्दशीट दाखिल करने के बाद मामले की प्रभावी पैरवी की। अदालत में चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ प्रस्तुत साक्ष्यों को प्रभावी ढंग से रखा। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी माना।
अदालत ने संदेह का लाभ देने के बजाय अभियोजन के साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए राजेश शुक्ला और किरन शुक्ला को हत्या का दोषी करार दिया। मंगलवार देर शाम सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी होने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्ग नरायन सिंह ने दोनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
425 दिन बाद मिला फैसले का इंतजार खत्म
श्वेता हत्याकांड के बाद से ही मामले में अदालत के फैसले का इंतजार किया जा रहा था। करीब 425 दिन बाद आए फैसले में अदालत ने पिता और सौतेली मां को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। फैसले के बाद मामले की पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी बसंत शुक्ला ने इसे अभियोजन की प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों की मजबूती का परिणाम बताया।
