Delhi CAG Report : केजरीवाल सरकार पर प्रवेश साहिब सिंह के गंभीर आरोप, 3,500 करोड़ की अनियमितताओं का दावा
भाजपा नेता का आरोप- CAG रिपोर्ट में 3,500 करोड़ की अनियमितताएं सामने आईं
भाजपा नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। उन्होंने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए GST, ई-वे बिल, बिजली सब्सिडी और मैनुअल टेंडर में अनियमितताओं का दावा किया और कहा कि केजरीवाल को अपने 11 साल के शासन का हिसाब देना होगा।
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल को अपने 11 साल के शासनकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार का हिसाब देना पड़ेगा। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कैग (CAG) रिपोर्ट को केजरीवाल सरकार के कथित भ्रष्टाचार का लिखित दस्तावेज बताया।
‘हमारी सरकार में 18 महीने में आईं 24 CAG रिपोर्ट’
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि केजरीवाल सरकार के दौरान ऑडिट नहीं कराया जाता था, जबकि मौजूदा सरकार के 18 महीने के कार्यकाल में 24 CAG रिपोर्ट सामने आ चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि इन रिपोर्टों में हजारों करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि 7 अगस्त 2026 को विधानसभा में पेश की गई CAG रिपोर्ट 31 मार्च 2023 तक की अवधि से संबंधित है, जिसमें करीब 3,500 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आने का दावा किया गया है।
1,185 मैनुअल टेंडर को लेकर लगाए आरोप
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार ने नियमों की अनदेखी करते हुए 1,185 मैनुअल टेंडर किए। उन्होंने दावा किया कि इन टेंडरों में 14,527 बोलियां लगीं और टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। प्रवेश साहिब सिंह के अनुसार, केवल तीन प्रतिशत निविदाओं में कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड होने की फाइल मिली, जबकि 97 प्रतिशत कॉन्ट्रैक्ट अवार्ड की फाइलें उपलब्ध नहीं हैं।
GST और ई-वे बिल में भी अनियमितता का दावा
उन्होंने CAG रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार के पास कारोबारियों से करीब 70,410 करोड़ रुपये की राशि पांच साल से अधिक समय से बकाया थी, जिसकी वसूली नहीं की गई। उन्होंने दावा किया कि 8,334 ऐसे कारोबारी थे, जिनका GST पंजीकरण रद्द हो चुका था, लेकिन वे ई-बिल बनाते रहे। 31 मार्च 2023 तक करीब 68,680 करोड़ रुपये के ई-वे बिल बनने की बात भी उन्होंने कही। इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि 4,076 नॉन-फाइलर्स लगातार 11,635 करोड़ रुपये के ई-वे बिल जेनरेट करते रहे। उन्होंने कहा कि 6.10 करोड़ ई-वे बिल में से केवल 0.10 प्रतिशत की जांच की गई।
बिजली सब्सिडी पर भी सवाल
प्रवेश साहिब सिंह ने बिजली सब्सिडी योजना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि करीब 50 हजार ऐसे उपभोक्ता थे, जिनके 12 महीनों तक जीरो बिल रहे, फिर भी उन्हें 17.81 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई।उन्होंने यह भी दावा किया कि करीब 90 हजार ऐसे उपभोक्ता थे, जो छह से 11 महीने तक अपने घर में नहीं थे, लेकिन उन्हें भी 11.88 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी गई। उनके अनुसार ऊर्जा सब्सिडी के नाम पर करीब 42 करोड़ रुपये जारी किए गए, जिसकी जांच की जाएगी।
बापरोला इंडस्ट्रियल पार्क को लेकर भी आरोप
भाजपा नेता ने बापरोला में इंडस्ट्रियल पार्क के लिए अधिग्रहित जमीन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि CAG रिपोर्ट के अनुसार पिछले 28 वर्षों में वहां कोई काम नहीं हुआ, जिससे 29.45 करोड़ रुपये का निष्फल व्यय हुआ और 15.79 करोड़ रुपये का ग्राउंड रेंट भी बकाया हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जमीन की कमी की बात करते थे, वहीं दूसरी ओर उपलब्ध जमीन का इस्तेमाल नहीं किया गया।
जांच की मांग, केजरीवाल से हिसाब मांगने का दावा
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि CAG रिपोर्ट में दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में वित्तीय अनियमितताओं का उल्लेख है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में सामने आए मामलों की जांच कराई जाएगी और जिम्मेदारी तय की जाएगी।उन्होंने दोहराया कि पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपने 11 साल के शासनकाल का हिसाब देना होगा।
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