17-18 अगस्त को मौसम का बड़ा अलर्ट! हरियाणा-पंजाब से हिमाचल तक भारी बारिश, कई इलाकों में बाढ़ का खतरा

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Edited By Muskan Dixit
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उत्तर भारत में फिर सक्रिय हुआ बारिश का दौर

IMD ने हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और दिल्ली में 17-18 अगस्त को भारी बारिश की संभावना जताई है। हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में बहुत भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड और पहाड़ी इलाकों के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का कम से मध्यम जोखिम भी बताया गया है।

डिजिटल डेस्कः उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 17 और 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 18 अगस्त को इन क्षेत्रों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है और अधिकांश स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।

पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में बारिश की तीव्रता इससे अधिक रहने की आशंका है। हिमाचल प्रदेश में 17 और 18 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 17 से 19 अगस्त तक बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

हिमाचल से उत्तराखंड तक भारी बारिश की चेतावनी

17 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

18 अगस्त को हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश हो सकती है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।

23 अगस्त तक पहाड़ों में बना रहेगा बारिश का असर

आईएमडी के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में पूरे सप्ताह बारिश का दौर जारी रह सकता है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और उत्तराखंड में 17 से 23 अगस्त तक अधिकांश स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।

हिमाचल प्रदेश में 17-18 अगस्त की बहुत भारी बारिश के बाद 19 से 23 अगस्त तक भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है। उत्तराखंड में 18 से 23 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।

19 अगस्त को हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भारी बारिश हो सकती है, जबकि जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 20 और 21 अगस्त तथा 22 और 23 अगस्त को भी कुछ इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है।

अचानक बाढ़ का भी खतरा, इन इलाकों पर नजर

आईएमडी ने 18 अगस्त सुबह 5:30 बजे तक के लिए 24 घंटे का फ्लैश फ्लड रिस्क फोरकास्ट भी जारी किया है। इसके मुताबिक हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और उत्तराखंड के कुछ जलग्रहण क्षेत्रों तथा आसपास के इलाकों में अचानक बाढ़ का कम से मध्यम खतरा है।

हिमाचल प्रदेश: चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर के कुछ इलाके।

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: डोडा, कठुआ, उधमपुर और लद्दाख का लेह क्षेत्र।

उत्तराखंड: बागेश्वर, चमोली, चंपावत, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी के कुछ क्षेत्र।

आईएमडी के मुताबिक संभावित बारिश के कारण पहले से संतृप्त मिट्टी वाले क्षेत्रों और निचले इलाकों में सतही पानी का बहाव बढ़ने या जलभराव की स्थिति बन सकती है।

आखिर क्यों बिगड़ा मौसम? कई सिस्टम सक्रिय

मौसम में बदलाव के पीछे एक से अधिक मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। आईएमडी के 17 अगस्त सुबह 5:30 बजे के विश्लेषण के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा तट पर बना निम्न दबाव क्षेत्र उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़कर अवदाब (Depression) में बदल गया है।

सुबह 5:30 बजे यह अवदाब तटीय पश्चिम बंगाल, उससे सटे बांग्लादेश और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर कोलकाता के निकट केंद्रित था। आईएमडी के अनुसार, इसके अगले 24 घंटों में गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में झारखंड की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

इसके अलावा समुद्र तल पर मानसून की द्रोणिका फिरोजपुर, देहरादून, बरेली, सुल्तानपुर, डाल्टनगंज और जमशेदपुर से गुजरते हुए अवदाब के केंद्र तक बनी हुई थी। यह प्रणाली आगे दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली थी।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। जम्मू संभाग और आसपास के क्षेत्रों में भी समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पंजाब और उत्तराखंड में कई जगह हुई बारिश

आईएमडी के अनुसार 16 अगस्त सुबह 8:30 बजे से 17 अगस्त सुबह 5:30 बजे तक पंजाब और उत्तराखंड में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी कई स्थानों पर बारिश हुई।

मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि चेतावनी में इस्तेमाल किया गया लाल रंग 'रेड अलर्ट' का अर्थ नहीं रखता, बल्कि इसका मतलब 'कार्रवाई करें' है।

आईएमडी के अनुसार किसी भी दिन का मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी उस दिन सुबह 8:30 बजे से अगले दिन सुबह 8:30 बजे तक प्रभावी रहती है।

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