Bihar Temple Stampede: एक अफवाह और फिर मच गई भगदड़..., अशोकधाम मंदिर में 7 श्रद्धालुओं की मौत से दहला लखीसराय
बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। बिजली का पोल गिरने और करंट फैलने की अफवाह के बाद भीड़ का दबाव बढ़ा, बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े। हादसे में सात महिलाओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
बिहार: लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में मौजूद थे। इसी दौरान अचानक बिजली का एक पोल गिर गया। इसके बाद श्रद्धालुओं के बीच यह अफवाह तेजी से फैल गई कि बिजली का तार लोगों के ऊपर गिर गया है।
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार के मुताबिक, जिस तार को लेकर अफवाह फैली, वह बिजली का तार नहीं बल्कि केबल का तार था। अफवाह फैलने के बाद खासकर महिलाओं की कतार में अचानक दबाव बढ़ गया। लोग घबराकर आगे-पीछे होने लगे और कुछ ही देर में कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े।
बैरिकेडिंग टूटने से बिगड़ी स्थिति
प्रशासन के अनुसार, श्रद्धालुओं की कतार अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। इसी दौरान हॉल्ट पर दो ट्रेनों के ठहराव से भीड़ और बढ़ गई। करीब 6:40 से 6:45 बजे के बीच भीड़ का दबाव अचानक बढ़ा और एक तरफ की बैरिकेडिंग टूट गई।
बैरिकेडिंग टूटने के बाद श्रद्धालुओं के बीच अफरा-तफरी मच गई। कई लोग गिर पड़े और उनके ऊपर दूसरे श्रद्धालु भी गिरते चले गए। देखते ही देखते मंदिर परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
डीएम ने बताया, महज दो मिनट में बिगड़े हालात
लखीसराय के डीएम शैलेंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासनिक टीम सुबह करीब 3 बजे से ही मौके पर निगरानी और व्यवस्था संभाल रही थी। श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए पुलिस बल, स्वास्थ्यकर्मी, एंबुलेंस, टोटो एंबुलेंस और बाइक एंबुलेंस जैसी व्यवस्थाएं पहले से की गई थीं।
डीएम के अनुसार, घटना अचानक हुई और करीब दो मिनट के भीतर स्थिति बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि प्रशासन की टीमें मौके पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। अधिकारी सदर अस्पताल में भी मौजूद हैं और घायलों के इलाज तथा पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है।
हादसे में सात श्रद्धालुओं की मौत
एसडीपीओ शिवम कुमार के अनुसार, हादसे में सात लोगों की मौत हुई है और कई अन्य श्रद्धालु घायल हैं। डीएम ने भी सात मौतों की पुष्टि की है। प्रशासन के अनुसार, मृतकों में सभी महिलाएं शामिल हैं।
घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में पहुंचाया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें घटना के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी हैं।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कैसे मची भगदड़
हादसे की प्रत्यक्षदर्शी एक महिला ने बताया कि मंदिर में दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। इसी दौरान बिजली का पोल गिरने और करंट फैलने की बात तेजी से भीड़ में फैल गई।
अफवाह के बाद लोगों में अचानक डर पैदा हो गया। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग टूट गई और कई श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। मौके पर चीख-पुकार मच गई और कुछ ही समय में स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
घायल महिला ने सुनाई आपबीती
हादसे में घायल एक महिला ने बताया कि भीड़ में पीछे से लगातार धक्का दिया जा रहा था। भीड़ के दबाव के कारण वह अपना संतुलन खो बैठीं और जमीन पर गिरकर बेहोश हो गईं।
महिला के मुताबिक, कुछ देर बाद आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें उठाया और पानी के छींटे मारकर होश में लाने की कोशिश की। होश में आने के बाद उन्हें हादसे की गंभीरता का एहसास हुआ।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जताया दुख
अशोकधाम मंदिर हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने घायलों के समुचित और त्वरित इलाज के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उपचार में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों और घायलों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है तथा राहत और चिकित्सा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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अशोकधाम भगदड़: मृतकों की पहचान
प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, मृतकों में शामिल लोगों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
- मनमाला देवी (44) — पति निरंजन कुमार, वार्ड नंबर 12, इंद टोला, बड़हिया, लखीसराय
- रिंकू देवी (50) — पति नीरज यादव, फरदा, थाना सफियासराय, जिला मुंगेर
- हेमलता देवी (55) — पति सुरेंद्र यादव, कैंदी प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय
- ललिता देवी — पति गोरेलाल यादव, प्रतापपुर, थाना हलसी, जिला लखीसराय
प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और संख्या से जुड़ी जानकारी को अपडेट किया जा रहा है।
हादसे की बड़ी वजह क्या सामने आई?
प्रशासन के शुरुआती विवरण के मुताबिक हादसे के पीछे श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़, बिजली के पोल के गिरने के बाद फैली अफवाह, अचानक बढ़ा भीड़ का दबाव और बैरिकेडिंग का टूटना प्रमुख परिस्थितियां रही हैं। पोल गिरने के बाद लोगों में यह गलत सूचना फैल गई कि बिजली का तार गिरा है। इसी डर से भीड़ में अचानक हलचल बढ़ी और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
फिलहाल प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहा है। जांच के बाद हादसे की परिस्थितियों और जिम्मेदारी से जुड़े अन्य पहलुओं की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
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