क्रिकेट ने दिखाया रास्ता, अब हॉकी में इतिहास रचने की बारी!नवनीत कौर बोलीं- हम भी जीतेंगे वर्ल्ड कप
भारतीय महिला हॉकी टीम की स्टार स्ट्राइकर नवनीत कौर ने कहा कि पिछले साल महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत ने हॉकी खिलाड़ियों को भी प्रेरित किया है। चीन के खिलाफ 2-2 से ड्रॉ के साथ विश्व कप अभियान शुरू करने वाली भारतीय टीम अब दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले की तैयारी में है।
एम्सटेलवीनः भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी खिलाड़ी नवनीत कौर का मानना है कि महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत से हॉकी खिलाड़ियों को भी नई प्रेरणा मिली है। उनका कहना है कि जिस तरह भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया, उसी तरह हॉकी में भी इतिहास दोहराने का लक्ष्य है।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पिछले साल दक्षिण अफ्रीका को हराकर पहली बार वनडे विश्व कप जीता था। नवनीत ने कहा कि इस जीत के बाद महिला खिलाड़ियों को पहले की तुलना में ज्यादा पहचान मिलने लगी है और यह हॉकी खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा का बड़ा स्रोत है।
उन्होंने कहा कि अगर क्रिकेट टीम विश्व स्तर पर इतना शानदार प्रदर्शन कर सकती है तो हॉकी टीम भी ऐसा कर सकती है।
चीन को ड्रॉ पर रोककर भारत की शानदार शुरुआत
विश्व रैंकिंग में नौवें स्थान पर मौजूद भारतीय महिला हॉकी टीम ने एफआईएच विश्व कप के अपने पहले मुकाबले में पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता और दुनिया की चौथे नंबर की टीम चीन को 2-2 से ड्रॉ पर रोककर अभियान की मजबूत शुरुआत की।
अब भारतीय टीम का सामना मंगलवार को विश्व रैंकिंग में 18वें स्थान पर मौजूद दक्षिण अफ्रीका से होगा। भारतीय टीम की नजर इस मुकाबले में जीत हासिल कर अपनी स्थिति मजबूत करने पर होगी।
211 मैच, 70 गोल और तीसरा विश्व कप
30 वर्षीय नवनीत कौर भारतीय टीम की प्रमुख स्ट्राइकरों में शामिल हैं। हरियाणा की इस खिलाड़ी ने भारत के लिए अब तक 211 मैचों में 70 गोल किए हैं।
एफआईएच नेशंस कप और विश्व कप क्वालीफायर में चार-चार गोल करने वाली नवनीत को इस विश्व कप में भारत की उम्मीदों का अहम चेहरा माना जा रहा है।
नवनीत का कहना है कि उन्हें अपने करियर का यह दौर काफी अच्छा लग रहा है। इस साल खेले गए टूर्नामेंटों में अपने प्रदर्शन से वह संतुष्ट हैं और विश्व कप में भी उसी लय को बरकरार रखना चाहती हैं।
'आत्मविश्वास है, तैयारी भी अच्छी रही'
नवनीत ने कहा कि लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय हॉकी खेलने का अनुभव उन्हें आत्मविश्वास देता है। टीम ने भी विश्व कप के लिए अच्छी तैयारी की है।
उनके मुताबिक, इस साल अब तक उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है और वह चाहती हैं कि विश्व कप में भी वही लय जारी रहे। टीम के लिए टूर्नामेंट में आगे बढ़ने के लिए खिलाड़ियों का आत्मविश्वास महत्वपूर्ण होगा।
अब सीनियर खिलाड़ी की भूमिका निभा रहीं नवनीत
2018 में लंदन विश्व कप से अपने विश्व कप करियर की शुरुआत करने वाली नवनीत अब टीम की सीनियर खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह बता रही हैं कि समय के साथ उनकी भूमिका भी बदल गई है।
जब वह टीम में आई थीं, तब जूनियर खिलाड़ी के तौर पर सीनियर खिलाड़ियों और कोचों से सीखती थीं। अब वह खुद युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन देने की जिम्मेदारी निभा रही हैं।
नवनीत के मुताबिक, उनका यह तीसरा विश्व कप है। पहले विश्व कप में उन्हें ज्यादा अनुभव नहीं था, जबकि दूसरे विश्व कप तक उनका प्रदर्शन बेहतर हुआ। अब 200 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद उनके पास अनुभव और परिपक्वता दोनों हैं।
'सिर्फ कौशल नहीं, स्मार्ट हॉकी भी जरूरी'
नवनीत ने बताया कि 2017 में सीनियर टीम का हिस्सा बनने के बाद उन्होंने हॉकी के कई पहलुओं को समझा है। शुरुआत में उनका ध्यान मुख्य रूप से खेल के कौशल पर रहता था, लेकिन समय के साथ उन्हें एहसास हुआ कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्मार्ट हॉकी और फिटनेस भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं।
अब वह इन दोनों पहलुओं पर भी लगातार मेहनत कर रही हैं।
विश्व कप में पहली बार खेलने वाली 11 खिलाड़ियों को दी खास सलाह
भारतीय टीम में 11 खिलाड़ी ऐसी हैं जो पहली बार विश्व कप खेल रही हैं। नवनीत ने इन युवा खिलाड़ियों को सलाह दी है कि उन्हें खुद पर भरोसा रखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब उन्होंने पहली बार विश्व कप खेला था, तब उन्हें भी नहीं पता था कि टूर्नामेंट का अनुभव कैसा होगा और अलग-अलग टीमें किस तरह खेलती हैं। लेकिन टीम के साथ खेलते हुए उन्होंने इन खिलाड़ियों में विश्व स्तरीय क्षमता देखी है।
नवनीत ने कहा कि बड़े टूर्नामेंट में दबाव स्वाभाविक है, लेकिन खिलाड़ियों को सीनियर खिलाड़ियों और कोचों से बातचीत करनी चाहिए। इससे उन्हें अपनी भूमिका समझने और दबाव कम करने में मदद मिलती है।
टोक्यो ओलंपिक वाली टीम से कैसे अलग है मौजूदा टीम?
टोक्यो ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम और मौजूदा टीम की तुलना करते हुए नवनीत ने कहा कि उस समय टीम में कई अनुभवी खिलाड़ी थीं, जबकि वर्तमान टीम में बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी हैं।
कोरोना महामारी के दौरान टोक्यो ओलंपिक की तैयारी का माहौल भी अलग था। उस समय टीम लंबे समय तक एक साथ रही और खिलाड़ियों को साथ में अभ्यास करने का ज्यादा अवसर मिला।
मौजूदा टीम को विश्व कप से पहले नेशंस कप और क्वालीफायर खेलने का फायदा मिला है। नवनीत के अनुसार, इससे युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का अच्छा एक्सपोजर मिला है और टीम के भीतर तालमेल भी बेहतर हुआ है।
अभी एशियाई खेलों पर नहीं, सिर्फ विश्व कप पर फोकस
अगले महीने होने वाले एशियाई खेलों को लेकर नवनीत ने कहा कि वह टूर्नामेंट निश्चित रूप से महत्वपूर्ण है, लेकिन फिलहाल टीम का पूरा ध्यान विश्व कप पर है।
उनका मानना है कि विश्व कप में अच्छा प्रदर्शन करने से मिलने वाला आत्मविश्वास आगे एशियाई खेलों में भी टीम के काम आएगा। इसलिए फिलहाल टीम का लक्ष्य विश्व कप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।
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