Bareilly News : सावन के तीसरे सोमवार पर नागपंचमी का अद्भुत संयोग, बनेंगे 4 शुभ योग; नाग चंद्रेश्वर शृंगार से मिलेगा लाभ

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Edited By Anjali Singh
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सावन के तीसरे सोमवार पर नागपंचमी का शुभ संयोग, शिव-रवि समेत 4 योग बनेंगे; जानें नाग चंद्रेश्वर शृंगार की विधि

सावन के तीसरे सोमवार को नागपंचमी का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन शिव योग, रवि योग, सिंह योग और हस्त योग का संयोग बन रहा है। नाग चंद्रेश्वर शृंगार को कालसर्प दोष की शांति के लिए शुभ माना जाता है।

बरेली, अमृत विचार। सावन मास का तीसरा सोमवार इस बार भक्तों के लिए बेहद खास रहने वाला है। सोमवार को नागपंचमी का पर्व मनाया जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नागपंचमी और सोमवार के इस संयोग के साथ चार शुभ योग शिव योग, रवि योग, सिंह योग और हस्त योग का निर्माण हो रहा है। इसे भगवान शिव और नागदेवता की पूजा के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। शिव मंदिर भूड़ के पुजारी कन्हैया लाल के अनुसार, सावन शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रविवार से शुरू होकर 17 अगस्त को शाम पांच बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर नागपंचमी का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा।

नागपंचमी पर करें नाग चंद्रेश्वर शृंगार

नागपंचमी के दिन भगवान शिव के साथ शेषनाग, वासुकी और तक्षक समेत नागदेवताओं की पूजा करने की परंपरा है। इस दिन शिवलिंग का नाग चंद्रेश्वर शृंगार विशेष महत्व रखता है। पूजा के दौरान सबसे पहले शिवलिंग को गंगाजल और दूध से स्नान कराया जाता है। इसके बाद सुगंधित द्रव्यों और पीले चंदन का लेप किया जाता है। भगवान शिव को शेषनाग की आकृति वाला चांदी या सोने का मुकुट पहनाया जाता है। इसके बाद फूल, फल, धूप और दीप अर्पित कर भगवान शिव की स्तुति की जाती है।

कालसर्प दोष की शांति के लिए शुभ माना जाता है दिन

धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार नागपंचमी का दिन कालसर्प दोष की शांति के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव का नाग चंद्रेश्वर शृंगार और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से कालसर्प दोष के अशुभ प्रभाव को कम करने में मदद मिलती है। खासकर सावन और नागपंचमी के शुभ संयोग में शिव आराधना को अधिक फलदायी माना गया है। हालांकि, कालसर्प दोष और उसके प्रभाव से जुड़ी मान्यताएं ज्योतिषीय एवं धार्मिक विश्वासों पर आधारित हैं।

चार शुभ योग बनाएंगे पर्व को खास

नागपंचमी पर बन रहे चार शुभ योगों को लेकर भक्तों में खास उत्साह है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शिव योग, रवि योग, सिंह योग और हस्त योग में भगवान शिव और नागदेवता की पूजा करना शुभ माना जाता है। सावन सोमवार और नागपंचमी के इस संयोग में शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और शृंगार की तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर नागदेवता की पूजा करेंगे और सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।

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