बहराइच-बांदा में बाढ़ को लेकर अलर्ट मोड पर प्रशासन, प्रभारी मंत्री ने तैयारियां पूरी रखने के दिए निर्देश
बारिश के बीच बहराइच और बांदा में बाढ़ की स्थिति की वर्चुअल समीक्षा, सरयू-घाघरा समेत प्रमुख नदियां खतरे के निशान से नीचे
बहराइच और बांदा में बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने वर्चुअल समीक्षा कर अधिकारियों को निगरानी बढ़ाने और अतिवृष्टि से निपटने की तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।
लखनऊ, अमृत विचार। बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बहराइच और बांदा में निगरानी बढ़ा दी है। उद्यान, कृषि, विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने रविवार को दोनों जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति की वर्चुअल समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को बाढ़ संभावित क्षेत्रों में पूरी तरह सतर्क रहने और अतिवृष्टि से निपटने की सभी तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए।
बहराइच में नदियां खतरे के निशान से नीचे
वर्चुअल समीक्षा के दौरान बताया गया कि बहराइच में सरयू नदी खतरे के निशान से तीन मीटर नीचे बह रही है। वहीं घाघरा 18 सेंटीमीटर और शारदा नदी 71 सेंटीमीटर नीचे है। अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल जिले में बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ है। बांदा में केन नदी नौ मीटर और यमुना 10 मीटर नीचे बह रही है। यहां भी फिलहाल बाढ़ या जलभराव से सामान्य जनजीवन प्रभावित नहीं हुआ है। हालांकि लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
सड़कों पर आवागमन बाधित न हो, पहले से करें इंतजाम
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ या जलभराव की स्थिति में सड़कों पर आवागमन प्रभावित न हो, इसके लिए जरूरी इंतजाम पहले से सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी रखने और जलस्तर या मौसम की स्थिति में बदलाव होने पर तत्काल आवश्यक कदम उठाने को कहा। समीक्षा के दौरान दोनों जिलों के जनप्रतिनिधियों से भी मौजूदा स्थिति का फीडबैक लिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव से जुड़े सभी इंतजाम तैयार रखें।
