Kanwar Yatra 2026: हाईटेक हुई कांवड़ यात्रा, एक क्लिक पर मिल रही रूट से लेकर इलाज तक की जानकारी

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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कांवड़ यात्रा एप से रूट, मंदिर, भोजन, शौचालय और चिकित्सा की जानकारी एक क्लिक पर, कंट्रोल रूम से मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद तक निगरानी

यूपी में कांवड़ यात्रा को हाईटेक बनाया गया है। कांवड़ यात्रा एप के जरिए शिवभक्तों को रूट मैप से लेकर चिकित्सा और भोजन तक की जानकारी मिल रही है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स से जुड़े एप के जरिए अपडेट भी साझा किए जा रहे हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कांवड़ यात्रा अब आस्था के साथ तकनीक से भी जुड़ गई है। शिवभक्तों की सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा के लिए कांवड़ मार्गों पर आधुनिक व्यवस्थाएं की गई हैं। कांवड़ यात्रा एप के जरिए श्रद्धालुओं को एक क्लिक पर रूट मैप, मंदिर, शौचालय, चिकित्सा और भोजन जैसी जरूरी सुविधाओं की जानकारी मिल रही है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यात्रा मार्गों की निगरानी से लेकर श्रद्धालुओं की मदद तक के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आपात स्थिति या शिकायत होने पर एप के माध्यम से मदद लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

Facebook, Instagram और X से भी जुड़ा एप

कांवड़ यात्रा एप को फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स से जोड़ा गया है। इससे श्रद्धालुओं को यात्रा से जुड़ी जरूरी अपडेट और सूचनाएं आसानी से मिल रही हैं। मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, बुलंदशहर और हापुड़ समेत कांवड़ यात्रा वाले जिलों में स्वास्थ्य, पेयजल, भोजन, शौचालय और आवागमन की सुविधाओं को मजबूत किया गया है।

बागपत में 25 हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं ने इस्तेमाल किया एप

बागपत में कांवड़ यात्रा एप श्रद्धालुओं के लिए काफी उपयोगी साबित हो रहा है। जिलाधिकारी अस्मिता लाल के अनुसार, अब तक 25 हजार से अधिक श्रद्धालु एप का इस्तेमाल कर चुके हैं। एप के जरिए श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग और रास्ते में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी आसानी से मिल रही है। जिले में करीब 20 लाख श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। महिला कांवड़ियों की सुविधा के लिए महिला डॉक्टरों से लैस बाइक एंबुलेंस तैनात की गई हैं। इसके अलावा 20 निजी अस्पतालों और 35 स्वास्थ्य शिविरों में चिकित्सा व्यवस्था की गई है।

बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए व्हीलचेयर-ई-रिक्शा

कांवड़ यात्रा में बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग श्रद्धालु भी आसानी से यात्रा कर सकें, इसके लिए व्हीलचेयर और ई-रिक्शा की व्यवस्था की गई है। यात्रा मार्गों पर भोजन, पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। इससे श्रद्धालुओं को रास्ते में जरूरी सुविधाओं के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

गाजियाबाद में कंट्रोल रूम से 24 घंटे निगरानी

गाजियाबाद में कांवड़ यात्रा की निगरानी के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय किया गया है। नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक देर रात तक कांवड़ मार्गों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। मुजफ्फरनगर से गाजियाबाद तक कांवड़ मार्गों पर अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

दीवारों पर दिख रहा शिवमय माहौल

कांवड़ मार्ग की दीवारों पर भगवान शिव और कांवड़ यात्रा से जुड़ी कलाकृतियां बनाई गई हैं। इससे यात्रा मार्ग का वातावरण शिवमय नजर आ रहा है। तकनीक और जमीनी व्यवस्थाओं के इस संयोजन से जहां श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं, वहीं प्रशासन को भी भीड़ की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान में मदद मिल रही है।

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