India vs Pakistan Hockey: रैंकिंग भूल जाइए... 19 अगस्त के मुकाबले से पहले पाक कप्तान अबु बकर का बड़ा बयान
19 अगस्त को एफआईएच विश्व कप में आमने-सामने होंगे भारत और पाकिस्तान; पाक कप्तान बोले- रैंकिंग से ज्यादा मैच वाले दिन का प्रदर्शन अहम, लंबे समय से मिली हार का सिलसिला तोड़ने का भरोसा
एम्सटेलवीन: भारत और पाकिस्तान के बीच हॉकी मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि दोनों देशों के लिए प्रतिष्ठा की जंग माना जाता है। पाकिस्तान के कप्तान अबु बकर महमूद को भरोसा है कि उनकी टीम 19 अगस्त को होने वाले एफआईएच विश्व कप मुकाबले में भारत के खिलाफ लंबे समय से चला आ रहा हार का सिलसिला तोड़ सकती है। उनका कहना है कि इस मुकाबले में विश्व रैंकिंग की स्थिति मायने नहीं रखेगी, बल्कि मैच के दिन कौन बेहतर प्रदर्शन करता है, यही जीत तय करेगा।
भारत ने विश्व कप के अपने शुरुआती मुकाबले में वेल्स को 3-1 से हराया है, जबकि पाकिस्तान को इंग्लैंड के हाथों 1-4 से हार मिली है।
'रैंकिंग नहीं, उस दिन का प्रदर्शन अहम'
अबु बकर ने विशेष बातचीत में कहा कि उन्हें यह स्वीकार करने में कोई झिझक नहीं है कि विश्व रैंकिंग में भारतीय टीम पाकिस्तान से काफी आगे है। लेकिन भारत-पाकिस्तान मुकाबले में रैंकिंग का महत्व नहीं रहता। उनके मुताबिक, मैच वाले दिन जिस टीम का प्रदर्शन बेहतर होगा, जीत उसी की होगी।
पाकिस्तान ने भारत को आखिरी बार जून 2016 में लंदन में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान 4-3 से हराया था। इसके बाद भारत ने हाल ही में एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण में पाकिस्तान को 4-3 और 7-1 से शिकस्त दी थी।
भारत की लगातार ओलंपिक सफलता की तारीफ
पाकिस्तानी कप्तान ने भारतीय हॉकी टीम की उपलब्धियों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि भारत एशिया की ऐसी टीम है जिसने लगातार दो ओलंपिक में पदक जीते हैं और यह एशियाई हॉकी के लिए अच्छी बात है। हालांकि, उनका कहना है कि पाकिस्तान भी विश्व कप के लिए पूरी तैयारी के साथ आया है।
पाकिस्तान करीब आठ साल बाद विश्व कप में वापसी कर रहा है। विश्व कप से पहले एफआईएच प्रो लीग में उसका प्रदर्शन निराशाजनक रहा और टीम सभी मुकाबले हारकर नौवें स्थान पर रही।
प्रो लीग में खिताब नहीं, सीखना था लक्ष्य
अबु बकर ने कहा कि प्रो लीग में पाकिस्तान का मुख्य उद्देश्य खिताब जीतना नहीं, बल्कि दुनिया की शीर्ष टीमों के खिलाफ खेलकर सीखना था। उनका मानना है कि विश्व कप में यह नजर आएगा कि टीम ने उस दौरान कितना सीखा।
प्रो लीग की शुरुआत से पहले पाकिस्तान विश्व रैंकिंग में 14वें स्थान पर था और अब 12वें स्थान पर है। टीम ने शीर्ष टीमों के खिलाफ कई मुकाबले खेले और इसी अनुभव को विश्व कप में इस्तेमाल करने की उम्मीद है।
कोचिंग स्टाफ में बदलाव का टीम पर सकारात्मक असर
विश्व कप के लिए टीम के रवाना होने से ठीक पहले पाकिस्तान के डच कोच हरमान क्रूस स्वदेश लौट गए थे। इसके बाद गोलकीपिंग कोच बॉब योहान वेल्डोफ को जिम्मेदारी दी गई।
अबु बकर के अनुसार, अदनान जाकिर, बॉब और सहयोगी स्टाफ ने पिछले एक महीने में काफी मेहनत की है। इसका टीम पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और उसके नतीजे भी दिखाई देने लगे हैं।
उन्होंने कहा कि टीम का लक्ष्य हर दिन बेहतर प्रदर्शन करना और लोगों को चौंकाना है। पाकिस्तान का मुख्य लक्ष्य एशियाई खेल है, लेकिन विश्व कप में टीम अंतिम आठ में जगह बनाने की कोशिश करेगी।
कप्तान के लिए यह विश्व कप खास
28 वर्षीय अबु बकर महान ड्रैग फ्लिकर सोहेल अब्बास को अपना आदर्श मानते हैं। उन्होंने कहा कि विश्व कप और ओलंपिक हॉकी के सबसे बड़े टूर्नामेंट हैं और आठ साल बाद विश्व कप में खेलना पाकिस्तान के लिए बड़ी उपलब्धि है।
2018 विश्व कप में अबु बकर सिर्फ 19 साल के थे और टीम के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे। उस टूर्नामेंट से मिले अनुभव को वह अब टीम के युवा खिलाड़ियों के साथ साझा करना चाहते हैं।
युवा खिलाड़ियों पर कप्तान को भरोसा
पाकिस्तान की मौजूदा टीम में अबु बकर और पूर्व कप्तान अम्माद बट ही ऐसे दो खिलाड़ी हैं जिन्हें 2018 विश्व कप खेलने का अनुभव है। इसके बावजूद कप्तान का मानना है कि टीम में अनुभव की कमी नहीं है।
उनके मुताबिक, टीम का कोर ग्रुप पिछले दो-तीन वर्षों से लगभग वही है। चार-पांच खिलाड़ी जल्द ही 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करने वाले हैं। दो खिलाड़ी पहली बार विश्व कप खेलेंगे, लेकिन उनकी प्रतिभा को देखकर ही विदेशी कोचों ने उन्हें टीम में चुना है।
पाकिस्तान की चार विश्व कप खिताब वाली विरासत बचाने का लक्ष्य
पाकिस्तान विश्व कप इतिहास में चार खिताब जीतने वाली सबसे सफल टीम रही है। अबु बकर ने कहा कि टीम इस विरासत को आगे बढ़ाना चाहती है और चाहती है कि यह रिकॉर्ड पाकिस्तान के पास ही बना रहे।
भारत के खिलाफ 19 अगस्त का मुकाबला इसी लक्ष्य की दिशा में पाकिस्तान के लिए बड़ी परीक्षा होगा। हालांकि भारत ने हालिया मुकाबलों में बढ़त बनाई है, लेकिन पाकिस्तानी कप्तान का भरोसा है कि मैदान पर उस दिन का प्रदर्शन ही अंतिम तस्वीर तय करेगा।
