13 अगस्त का इतिहास: जब भारत के पहले स्वदेशी विमान ने भरी उड़ान, नागपुर कोर्ट में हुआ था बड़ा कांड

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Edited By Muskan Dixit
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13 अगस्त का दिन भारतीय विमानन इतिहास के लिए बेहद खास है। 1951 में इसी दिन भारत में डिजाइन और निर्मित पहले विमान हिंदुस्तान ट्रेनर-2 ने पहली उड़ान भरी थी। इसी तारीख को 2004 में नागपुर की अदालत में करीब 200 महिलाओं की भीड़ ने कुख्यात अपराधी अक्कू यादव की हत्या कर दी थी। इसके अलावा देश-दुनिया में कई महत्वपूर्ण घटनाएं 13 अगस्त को दर्ज हुईं।

नई दिल्लीः इतिहास के पन्नों में 13 अगस्त की तारीख कई महत्वपूर्ण घटनाओं की गवाह रही है। भारत के विमानन क्षेत्र के लिए यह दिन खास इसलिए है क्योंकि 1951 में इसी दिन देश में डिजाइन और निर्मित पहले विमान हिंदुस्तान ट्रेनर-2 ने पहली उड़ान भरी थी।

आजादी के कुछ ही वर्षों बाद हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स की ओर से विमान को डिजाइन करना और उसका निर्माण करना देश के लिए बड़ी तकनीकी उपलब्धि माना गया। दो सीट वाले इस विमान का उत्पादन 1953 में भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए शुरू हुआ था। इसका इस्तेमाल सैन्य प्रशिक्षण के अलावा भारतीय विमानन स्कूलों में भी किया गया।

1951 में हिंदुस्तान ट्रेनर-2 ने रचा इतिहास

13 अगस्त 1951 को भारत में डिजाइन किए गए और देश में ही निर्मित हिंदुस्तान ट्रेनर-2 ने पहली उड़ान भरी। दो सीट वाला यह विमान देश के शुरुआती स्वदेशी विमानन प्रयासों में महत्वपूर्ण माना जाता है।

इसके बाद 1953 में भारतीय वायुसेना और नौसेना के लिए इसके उत्पादन की शुरुआत हुई। सैन्य उपयोग के साथ-साथ विमानन स्कूलों में भी इस विमान का इस्तेमाल किया गया।

2004 में नागपुर कोर्ट में अक्कू यादव की हत्या

13 अगस्त 2004 की सबसे चर्चित घटनाओं में नागपुर की एक जिला अदालत में हुआ अक्कू यादव हत्याकांड भी शामिल है।

कुख्यात अपराधी और बलात्कार के आरोपी अक्कू यादव की नागपुर के कस्तूरबा नगर इलाके में पहचान एक खूंखार गैंगस्टर के रूप में थी। उस पर कई गंभीर अपराधों के आरोप लगाए गए थे।

13 अगस्त 2004 को वह एक मामले की सुनवाई के लिए नागपुर जिला अदालत के कोर्ट नंबर-7 पहुंचा था। इसी दौरान करीब 200 महिलाओं की भीड़ ने अदालत के भीतर उस पर हमला कर दिया। महिलाओं ने चाकू, पत्थर और मिर्च पाउडर समेत विभिन्न चीजों का इस्तेमाल किया और कुछ ही मिनटों में उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद कई महिलाओं ने सामने आकर इस हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात कही। बाद में 2014 में नागपुर सत्र न्यायालय ने ठोस सबूत और गवाहों के अभाव में मामले के सभी आरोपियों को बरी कर दिया था।

13 अगस्त को हुईं ये महत्वपूर्ण घटनाएं

1642: डच खगोलशास्त्री क्रिश्चियन ह्यूगेंस ने मंगल ग्रह के दक्षिणी ध्रुव की चोटी का पता लगाया।

1645: स्वीडन और डेनमार्क के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर हुए।

1784: भारत में प्रशासनिक सुधारों से संबंधित पिट्स इंडिया विधेयक ब्रिटिश संसद में पेश किया गया।

1814: दास व्यापार समाप्त करने के लिए ब्रिटेन और हॉलैंड के बीच समझौता हुआ।

1892: अमेरिकी समाचार पत्र ‘एफ्रो अमेरिकन’ का बाल्टीमोर से प्रकाशन शुरू हुआ।

1898: जॉर्ज डेवी के नेतृत्व में अमेरिकी सेना ने फिलीपींस की राजधानी मनीला पर कब्जा किया।

1913: इंग्लैंड के शेफील्ड में हैरी ब्रेअर्ली ने स्टेनलेस स्टील का आविष्कार किया।

1956: लोकसभा में राष्ट्रीय राजमार्ग विधेयक पारित हुआ।

1960: अफ्रीका फ्रांस के कब्जे से स्वतंत्र हुआ।

1993: वाशिंगटन में इजराइल और फलस्तीन के बीच शांति समझौता हुआ।

1994: अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच जेनेवा में परमाणु निरस्त्रीकरण को लेकर ऐतिहासिक सहमति बनी।

1999: लेखिका तसलीमा नसरीन की पुस्तक ‘आमार मऐबेला’ यानी ‘मेरा बचपन’ पर बांग्लादेश सरकार ने प्रतिबंध लगाया।

2006: इराक के दक्षिण बगदाद में तीन सिलसिलेवार बम विस्फोटों में 62 से अधिक लोगों की मौत हुई और 140 लोग घायल हुए।

2008: भारत ने मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर प्रणाली ‘पिनाक’ का सफल परीक्षण किया।

2015: इराक की राजधानी बगदाद में ट्रक बम विस्फोट में 76 लोगों की मौत हुई।

2020: दक्षिणी इथियोपिया में प्रदर्शनों के दौरान 17 लोगों की मौत हुई।

2021: अफगानिस्तान में तालिबान ने कंधार और हेरात जैसे बड़े शहरों पर कब्जा किया। अमेरिका ने अपने कर्मचारियों को निकालने के लिए सैनिक भेजे।

2023: गगनयान मिशन के तहत अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित लैंडिंग के लिए क्रू मॉड्यूल के पैराशूट का सफल परीक्षण किया गया।

2025: इटली के तट के पास प्रवासियों की नाव पलटने से 26 लोगों की मौत हुई।

13 अगस्त क्यों है खास?

13 अगस्त की ऐतिहासिक घटनाओं में भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता से लेकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति, विज्ञान, युद्ध, अंतरिक्ष और अपराध जगत से जुड़े कई महत्वपूर्ण पड़ाव शामिल हैं। खास तौर पर हिंदुस्तान ट्रेनर-2 की पहली उड़ान स्वतंत्र भारत की शुरुआती स्वदेशी विमानन उपलब्धियों में एक अहम अध्याय है।

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