FCRA बिल पर मायावती का विपक्ष पर बड़ा हमला, बोलीं- ‘Gen-Z वोट के आगे इन्हें कुछ नहीं दिख रहा’
FCRA संशोधन बिल को JPC भेजे जाने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने और महत्वपूर्ण मुद्दों को राजनीतिक स्वार्थ में पीछे करने का आरोप लगाया।
नई दिल्ली: FCRA संशोधन बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी तनातनी के बीच बसपा प्रमुख मायावती ने विपक्ष के रवैये पर सवाल उठाए हैं। बिल को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजे जाने के बाद मायावती ने कहा कि विपक्ष को संसद चलने देना चाहिए था, ताकि विधेयक की कमियों पर सदन में चर्चा हो सकती।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी अपने बयान में कहा कि सरकार FCRA संशोधन बिल को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए अन्य विधेयकों की तरह जल्द पारित कराना चाहती थी। हालांकि, विपक्ष के जोरदार विरोध के बीच संसद में प्रारंभिक चर्चा के बिना ही इसे JPC को भेज दिया गया।
FCRA बिल पर सत्ता और विपक्ष दोनों पर निशाना
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल FCRA संशोधन बिल को सीधे तौर पर अल्पसंख्यक विरोधी बताते हुए इसे वापस लेने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, सरकार इसे विदेशी फंडिंग के कथित दुरुपयोग और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए नियमों में कड़े बदलाव की बात कर रही है।
मायावती के मुताबिक, इससे यह संकेत मिलता है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने इस विधेयक को राजनीतिक मुद्दा ज्यादा बना दिया है।
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‘विपक्ष संसद चलने देता तो कमियां देश के सामने आतीं’
मायावती ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब विधेयक सदन में पेश किया जा रहा था, तब विपक्ष को संसद की कार्यवाही चलने देनी चाहिए थी। इससे बिल की कमियों को सदन में उजागर करने का अवसर मिलता और पूरा देश उन्हें जान सकता था।
उन्होंने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही बाधित होने के कारण सरकार को कई अन्य विधेयकों को तेजी से पारित कराने का फायदा मिला है।
‘अंदरूनी मिलीभगत या Gen-Z वोट का स्वार्थ?’
मायावती ने अपने बयान में विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए कहा कि संसद न चलने देने की स्थिति से या तो अंदरूनी मिलीभगत का संकेत मिलता है या फिर विपक्ष को Gen-Z के वोटों का स्वार्थ इतना दिखाई दे रहा है कि देश के दूसरे मुद्दे पीछे छूट गए हैं।
हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में Gen-Z की समस्याओं को प्राथमिकता देना जरूरी है, लेकिन इसके साथ जनहित से जुड़े दूसरे मुद्दों को भी महत्व दिया जाना चाहिए।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे का मुद्दा उठाने की मांग
मायावती ने विपक्ष से अयोध्या के राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के मुद्दे को भी संसद में उठाने की बात कही। उनका कहना है कि इस विषय पर संसद में चर्चा होना जरूरी है, लेकिन विपक्ष ने इसे अपने राजनीतिक स्वार्थ के चलते पीछे कर दिया।
‘जनता सत्ता-विपक्ष की राजनीतिक लड़ाई से सचेत रहे’
अपने बयान के अंत में मायावती ने कहा कि देश की जनता को संसद सत्र के दौरान सत्ता और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान को लेकर सचेत रहना चाहिए।
उन्होंने लोगों से बहुजन समाज पार्टी से जुड़ने की अपील करते हुए पार्टी को अंबेडकरवादी बताते हुए ‘सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की नीतियों और सिद्धांतों पर चलने वाली पार्टी बताया।
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